Mandsaur: कचरा फैलाने पर लगेगा जुर्माना, 271 शिक्षकों का वेतन कटा

मंदसौर जिले में स्वच्छता और कचरा प्रबंधन को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त हो गया है। हाल ही में आयोजित समय-सीमा पत्रों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर अदिति गर्ग ने स्पष्ट कर दिया है कि कचरा प्रबंधन की व्यवस्था केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसका जमीनी स्तर पर असर दिखना चाहिए।…

मंदसौर में स्वच्छता को लेकर सख्त हुई कलेक्टर अदिति गर्ग, कचरा फैलाने वालों पर लगेगा जुर्माना

मंदसौर जिले में स्वच्छता और कचरा प्रबंधन को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त हो गया है। हाल ही में आयोजित समय-सीमा पत्रों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर अदिति गर्ग ने स्पष्ट कर दिया है कि कचरा प्रबंधन की व्यवस्था केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसका जमीनी स्तर पर असर दिखना चाहिए। उन्होंने सभी नगरीय निकायों और जनपद पंचायतों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए कार्ययोजना तैयार करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

कचरा प्रबंधन के लिए विशेष सेल का गठन

कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि जिले के सभी नगरीय निकाय अपने स्तर पर एक विशेष सेल का गठन करें, जो पूरी तरह से कचरा प्रबंधन की निगरानी करेगा। उन्होंने कहा कि हर निकाय को कचरे के निपटान के लिए एक निश्चित स्थान निर्धारित करना होगा। इसके साथ ही, आम जनता को कचरे को अलग-अलग (गीला और सूखा) रखने के लिए जागरूक करना भी अनिवार्य है। कलेक्टर ने चेतावनी दी है कि जल्द ही सभी निकायों के कामकाज का प्रेजेंटेशन देखा जाएगा और उसके बाद वे खुद औचक निरीक्षण करेंगी।

सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी करने पर ‘स्पॉट फाइन’

स्वच्छता अभियान को प्रभावी बनाने के लिए कलेक्टर ने सार्वजनिक स्थानों और बाजारों में कचरा फैलाने वालों के खिलाफ स्पॉट फाइन लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, कचरा पृथक्करण की प्रक्रिया और उसकी नियमित रिपोर्टिंग सुनिश्चित करना भी अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी।

पेयजल की शुद्धता और अन्य विभागों की समीक्षा

बैठक में पेयजल की गुणवत्ता पर भी विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने नगर निकायों को जल टंकियों की नियमित सफाई और क्लोरीनेशन के निर्देश दिए हैं। वहीं, जनपद सीईओ को कुओं और बावड़ियों की सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। बैठक के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • शिक्षा विभाग: ई-अटेंडेंस में अनुपस्थित पाए गए 271 शिक्षकों का वेतन काटने के निर्देश।
  • स्वास्थ्य सेवा: हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उन्हें प्रसव से 15 दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराने के निर्देश।
  • कृषि कार्य: फार्मर रजिस्ट्री और खरीफ सीजन की तैयारियों की गहन समीक्षा।
  • शिक्षा: स्कूलों में 100 प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने और ड्रॉपआउट बच्चों की निगरानी।

प्रमुख विभागों के लिए जारी दिशा-निर्देश

विभाग मुख्य निर्देश
नगरीय निकाय ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और स्पॉट फाइन की कार्यवाही।
शिक्षा विभाग ई-अटेंडेंस में लापरवाही बरतने पर वेतन कटौती।
स्वास्थ्य विभाग हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की विशेष मॉनिटरिंग।
जनपद पंचायत पेयजल स्रोतों (कुआं/बावड़ी) की सफाई और जांच।

कलेक्टर ने आधार अपडेट और नामांकन शिविरों की समीक्षा के लिए बुधवार को विशेष बैठक बुलाई है। प्रशासन का यह कदम जिले में शासन की योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू करने और नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।


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