भोपाल में कोचिंग संस्थानों पर निगम का सख्त रुख: फायर सेफ्टी में लापरवाही बरतने पर होगी सीलिंग
लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद भोपाल प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। शहर की कोचिंग क्लासों में छात्रों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम ने अब सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ निगम प्रशासन अब सीधे सीलिंग की कार्रवाई करेगा।
निगम द्वारा जारी किए गए अल्टीमेटम की समय सीमा समाप्त हो चुकी है। आंकड़ों पर गौर करें तो शहर के 61 कोचिंग संस्थानों को नोटिस जारी किया गया था, जिनमें से केवल 30 संस्थानों ने ही 200 रुपये के न्यायिक स्टॉम्प पर शपथ पत्र और फायर प्लान जमा किया है। शेष 31 संस्थानों ने न तो कोई जवाब दिया है और न ही आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं।
निरीक्षण और सीलिंग की कार्रवाई शुरू
फायर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जिन संस्थानों ने नोटिस के बाद भी चुप्पी साधे रखी है, उनके खिलाफ मंगलवार से सख्त अभियान चलाया जाएगा। निगम की टीम मौके पर जाकर संस्थानों का भौतिक निरीक्षण करेगी और नियमों का पालन न करने वाले संस्थानों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया जाएगा। कुछ कोचिंग संचालकों ने निगम को सूचित किया है कि उन्होंने अपनी कोचिंग बंद कर दी है, जिसकी पुष्टि भी टीम द्वारा की जाएगी।
प्रमुख दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य
हाल ही में नगर निगम मुख्यालय (अटल भवन) में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में कोचिंग संचालकों और भवन मालिकों को सुरक्षा मानकों के प्रति कड़ा संदेश दिया गया था। बैठक में निम्नलिखित निर्देश दिए गए थे:
- 20 बिंदुओं वाली गाइडलाइन: सभी कोचिंग सेंटरों को फायर सुरक्षा संबंधी 20 अनिवार्य बिंदुओं का पालन करना होगा।
- ऑटोमैटिक डोर: संस्थानों को फायर सेफ्टी के लिहाज से ऑटोमैटिक डोर लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
- न्यायिक स्टॉम्प: शपथ पत्र केवल 200 रुपये के न्यायिक स्टॉम्प पर ही मान्य होंगे; सादे कागज पर दिए गए प्लान को निगम ने पहले ही खारिज कर दिया है।
सुधार के लिए मिला समय, लेकिन पढ़ाई पर रोक
नगर निगम ने उन संस्थानों को राहत दी है जिन्होंने समय पर अपने दस्तावेज जमा किए हैं। फायर अधिकारी सौरभ पटेल ने बताया कि जिन संस्थानों ने शपथ पत्र और फायर प्लान जमा कर दिया है, उन्हें कमियां दूर करने के लिए एक महीने का समय दिया गया है। हालांकि, इस दौरान वे अपनी कोचिंग कक्षाएं संचालित नहीं कर सकेंगे। इन संस्थानों को अपनी सुधार प्रक्रिया की 15 दिनों में प्रगति रिपोर्ट भी देनी होगी।
| स्थिति | संस्थानों की संख्या |
|---|---|
| नोटिस प्राप्त संस्थान | 61 |
| दस्तावेज जमा करने वाले | 30 |
| लापरवाही बरतने वाले | 31 |
निगम की इस कार्रवाई से कोचिंग संचालकों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि छात्रों की जान से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
