E20 पेट्रोल के खिलाफ अरविंद केजरीवाल का बड़ा अभियान, ‘स्टॉप E20 पेट्रोल’ सिग्नेचर कैंपेन शुरू
पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण यानी E20 पेट्रोल को लेकर मचे घमासान के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। केजरीवाल ने आधिकारिक रूप से “स्टॉप E20 पेट्रोल” ऑनलाइन सिग्नेचर अभियान की शुरुआत की है। उन्होंने देशवासियों से अपील की है कि वे StopE20petrol.com पर जाकर प्रधानमंत्री के नाम वाली इस याचिका पर हस्ताक्षर करें और सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाएं।
सरकार पर बिना तैयारी के फैसला थोपने का आरोप
अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार ने बिना किसी ठोस तैयारी के E20 पेट्रोल को देश भर में लागू कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस निर्णय से लाखों वाहन मालिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। केजरीवाल के अनुसार, मुख्य समस्याएं निम्नलिखित हैं:
- माइलेज में गिरावट: E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहनों की औसत माइलेज काफी कम हो गई है।
- इंजन पर असर: इथेनॉल मिश्रण के कारण वाहनों के इंजन में तकनीकी खराबी और समय से पहले घिसावट की शिकायतें बढ़ रही हैं।
- बढ़ता खर्च: माइलेज घटने और वाहन के रखरखाव का खर्च बढ़ने से मध्यमवर्गीय परिवारों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है।
उपभोक्ताओं को मिले ईंधन चुनने का विकल्प
केजरीवाल ने मांग की है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार को जनता की सुविधा का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को पेट्रोल पंपों पर शुद्ध पेट्रोल, E10 और E20 जैसे विकल्प देने चाहिए, ताकि उपभोक्ता अपनी जरूरत और वाहन की क्षमता के अनुसार ईंधन का चुनाव कर सकें। उन्होंने सवाल उठाया कि केवल निवेश के नाम पर सरकार आम जनता पर खराब गुणवत्ता वाला ईंधन क्यों थोप रही है?
| मुद्दा | केजरीवाल का पक्ष |
|---|---|
| ईंधन विकल्प | उपभोक्ताओं को शुद्ध पेट्रोल चुनने का अधिकार मिलना चाहिए। |
| आर्थिक प्रभाव | E20 से माइलेज कम होने के कारण वाहन चलाने का खर्च बढ़ गया है। |
| सरकार की जवाबदेही | जबरन नीति लागू करने के बजाय लोगों की समस्याओं का समाधान जरूरी है। |
संसद से सड़क तक विरोध की चेतावनी
अरविंद केजरीवाल ने स्पष्ट किया है कि जब तक सरकार आम लोगों की इन चिंताओं पर गंभीरता से विचार नहीं करती, तब तक यह विरोध जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी NEET और E20 जैसे जनहित के मुद्दों को लेकर संसद से लेकर सड़क तक सरकार को घेरेगी। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे इस ऑनलाइन कैंपेन का हिस्सा बनें ताकि सरकार पर दबाव बनाया जा सके और वे नागरिकों की परेशानियों को सुनने के लिए मजबूर हों।
केजरीवाल का मानना है कि ईंधन जैसे महत्वपूर्ण विषय पर जनता की राय को नजरअंदाज करना न केवल गलत है, बल्कि यह आम आदमी के अधिकारों का हनन भी है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि वे अपनी जिद छोड़कर उपभोक्ताओं के हितों को प्राथमिकता दें।









