नगर निगम जनसुनवाई: बुनियादी समस्याओं का अंबार, पार्षदों और नागरिकों ने अधिकारियों को घेरा
शहर के नगर निगम कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में मंगलवार को नागरिकों ने समस्याओं का पिटारा खोल दिया। शहर के विभिन्न वार्डों से आए लोगों ने अपनी बुनियादी जरूरतों को लेकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे। इस दौरान क्षतिग्रस्त पुलिया, सीवर की बदहाली और पानी की भारी किल्लत जैसे मुद्दे चर्चा का केंद्र रहे। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
पानी की किल्लत पर पार्षद का फूटा गुस्सा
वार्ड क्रमांक 14 के पार्षद विनोद यादव ने जनसुनवाई के दौरान निगम अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम के कर्मचारियों की लापरवाही के चलते उनके क्षेत्र में पानी की टंकियां समय पर नहीं भर पा रही हैं। इस वजह से वार्डवासियों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध नहीं हो रहा है। पार्षद यादव ने सख्त लहजे में कहा कि अगर जल्द ही जलापूर्ति व्यवस्था को सुधारा नहीं गया, तो वे सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
पांच हजार लोगों की मुसीबत: जर्जर पुलिया बनी जानलेवा
वार्ड-65 के बारह बीघा क्षेत्र के निवासियों ने गोकुल गार्डन के समीप स्थित जर्जर और संकरी पुलिया के पुनर्निर्माण की मांग को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। रहवासियों ने बताया कि यह पुलिया नाले के स्तर से काफी नीचे है, जिसके कारण हल्की बारिश में भी यह डूब जाती है और आवागमन पूरी तरह ठप हो जाता है।
| प्रभावित क्षेत्र | प्रमुख समस्या | प्रभावित आबादी |
|---|---|---|
| बारह बीघा, शंकर कॉलोनी, महेशपुरा | जर्जर और संकरी पुलिया | लगभग 5,000 लोग |
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पुलिया की ऊंचाई और चौड़ाई बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि रोजाना हजारों लोग अपनी जान जोखिम में डालकर यहां से गुजरते हैं।
दो माह से सीवर की समस्या से त्रस्त रहवासी
वार्ड-36 की गेंडे वाली सड़क स्थित नसिया जैन मंदिर के सामने की गली में रहने वाले लोग पिछले दो महीनों से सीवर लाइन चोक होने की समस्या से जूझ रहे हैं। सड़क पर बहते गंदे पानी और उससे उठ रही दुर्गंध ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।
- सीवर के गंदे पानी से मच्छरों का प्रकोप और बीमारी का खतरा।
- स्थानीय पार्षद और सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं।
- डेंगू और अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका।
नागरिकों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। फिलहाल, जनसुनवाई में मिले आवेदनों के बाद अधिकारियों ने जांच कर शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया है, लेकिन देखना यह होगा कि शहरवासियों को राहत कब तक मिलती है।










