दिल्ली दंगा मामला: आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या में ताहिर हुसैन दोषी करार, भाजपा ने अरविंद केजरीवाल से मांगी माफी
दिल्ली के बहुचर्चित उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगा मामले में अदालत ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। कड़कड़डूमा कोर्ट ने इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अधिकारी अंकित शर्मा की नृशंस हत्या के मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी ठहराया है। इस फैसले के बाद दिल्ली की राजनीति गरमा गई है। भाजपा ने इसे न्याय की जीत बताते हुए आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
न्याय प्रक्रिया में बढ़ा लोगों का भरोसा: हर्ष मल्होत्रा
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय न्यायिक प्रक्रिया में जनता के विश्वास को और अधिक मजबूत करता है। उन्होंने अंकित शर्मा की हत्या को एक सुनियोजित साजिश करार दिया और आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के तार अक्सर ऐसे राष्ट्रविरोधी तत्वों से जुड़े रहे हैं। मल्होत्रा ने कहा कि ताहिर हुसैन इसका सबसे बड़ा उदाहरण है और अब समय आ गया है कि अरविंद केजरीवाल इस मामले में सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
भाजपा के निशाने पर आम आदमी पार्टी
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया है कि आप सरकार ने दंगा आरोपियों को बचाने का हर संभव प्रयास किया। भाजपा द्वारा उठाए गए मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- खालिद सैफी और उमर खालिद: भाजपा का आरोप है कि पार्टी ने इन आरोपियों के प्रति हमेशा नरम रुख अपनाया है।
- अमानतुल्लाह खान: ओखला विधायक पर सीएए (CAA) विरोध के दौरान भीड़ को उकसाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
- संरक्षण का आरोप: भाजपा का दावा है कि केजरीवाल सरकार ने ताहिर हुसैन और अन्य दंगाइयों को राजनीतिक संरक्षण दिया।
कपिल मिश्रा और मनजिंदर सिंह सिरसा का तीखा हमला
भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने कहा कि ताहिर हुसैन का दोषी सिद्ध होना यह साबित करता है कि दंगे के दौरान हिंदुओं के नरसंहार की एक सोची-समझी साजिश रची गई थी। उन्होंने सवाल किया कि आखिर आप नेताओं ने ताहिर हुसैन का बचाव क्यों किया? वहीं, मनजिंदर सिंह सिरसा ने ताहिर हुसैन के घर से बरामद हुए पेट्रोल बमों का जिक्र करते हुए कहा कि जांच में साफ हो गया है कि दंगे की तैयारी पहले से की गई थी। उन्होंने कहा कि इस मामले ने अरविंद केजरीवाल का असली चेहरा बेनकाब कर दिया है।
आम आदमी पार्टी का बचाव
अपने ऊपर लग रहे आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट किया है कि ताहिर हुसैन का पार्टी से अब कोई लेना-देना नहीं है। पार्टी के आधिकारिक बयान के अनुसार:
| विवरण | स्थिति |
|---|---|
| निलंबन की तिथि | 27 फरवरी 2020 |
| कारण | दंगे में नाम आने के बाद प्राथमिक सदस्यता से बर्खास्त |
| हालिया स्थिति | ताहिर हुसैन ने बाद में AIMIM के टिकट पर चुनाव लड़ा था |
आप ने तर्क दिया कि ताहिर हुसैन के चुनाव लड़ने से मुस्लिम वोटों का विभाजन हुआ, जिसका सीधा लाभ भारतीय जनता पार्टी को मिला। फिलहाल, कड़कड़डूमा कोर्ट दोषी पाए गए पांचों आरोपियों की सजा पर अलग से सुनवाई करेगा, जिस पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं।









