जबलपुर में एनएसयूआई का उग्र प्रदर्शन: शिक्षा मंत्री का पुतला फूंककर जताया विरोध
जबलपुर में रविवार की शाम उस वक्त माहौल गरमा गया जब एनएसयूआई (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। छात्र संगठन के नेता नितिन चौधरी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र अमखेरा चौराहे पर एकत्रित हुए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार और परीक्षाओं में हो रही लगातार धांधली से युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो रहा है।
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों का कहना है कि परीक्षाओं में हो रही अनियमितताएं महज एक इत्तेफाक नहीं, बल्कि एक गहरी साजिश है जिससे मेधावी छात्रों के सपनों पर कुठाराघात किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इन तमाम खामियों की नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए और अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए, क्योंकि मौजूदा हालात के लिए सीधे तौर पर मंत्रालय की विफलता जिम्मेदार है।
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छात्रों की प्रमुख मांगें और विरोध का कारण
- परीक्षाओं में पारदर्शिता: एनटीए (NTA) और अन्य भर्ती परीक्षाओं में सामने आ रही धांधली की उच्च स्तरीय जांच हो।
- जवाबदेही तय हो: शिक्षा व्यवस्था में मची इस अफरा-तफरी के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जवाब देना चाहिए।
- दोषियों पर कार्रवाई: पेपर लीक और भ्रष्टाचार में शामिल बड़े माफियाओं के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
- छात्रों के भविष्य की सुरक्षा: निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से परीक्षाओं का आयोजन सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
प्रदर्शन के दौरान वहां मौजूद छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने शिक्षा प्रणाली में सुधार नहीं किया और परीक्षाओं की शुचिता को बहाल नहीं किया, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप लेगा। इस दौरान स्थानीय पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा ताकि स्थिति को नियंत्रित रखा जा सके। एनएसयूआई ने मांग की है कि सरकार जल्द से जल्द इस दिशा में कोई ठोस निर्णय ले, ताकि देश के लाखों युवाओं का भविष्य सुरक्षित रह सके और उन्हें न्याय मिल सके।










