कांकेर में नक्सलियों को बड़ा झटका: सुरक्षा बलों ने जंगल से बरामद किया हथियारों और विस्फोटकों का जखीरा
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। नारायणपुर बॉर्डर से सटे आलपरस-गुमचुर के दुर्गम जंगलों और पहाड़ी इलाकों में चलाए गए एक संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान जवानों ने नक्सलियों के एक गुप्त डंप का भंडाफोड़ किया है। यह कार्रवाई 11 जुलाई को अंजाम दी गई, जिसमें डीआरजी (DRG), बीएसएफ (BSF) और बीडीएस (BDS) की टीमों ने मिलकर इलाके की घेराबंदी की। सुरक्षा बलों की इस मुस्तैदी से नक्सलियों के मंसूबों पर पानी फिर गया है और क्षेत्र में उनके नेटवर्क को बड़ा नुकसान पहुंचा है।
सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों को झाड़ियों और जमीन के अंदर छिपाकर रखा गया भारी मात्रा में सामान मिला। बरामदगी में घातक हथियारों से लेकर संचार उपकरण तक शामिल हैं, जो यह दर्शाते हैं कि नक्सली यहां किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान में बीएसएफ के एसी अंकुश कुमार, कोयलीबेड़ा थाना प्रभारी निर्मल जांगड़े, इंस्पेक्टर अनुज कुमार, उप निरीक्षक नवीन प्रकाश, सौरभ यादव और डीआरजी के एएसआई नरेंद्र नेताम समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे, जिनकी सटीक रणनीति के कारण यह ऑपरेशन सफल रहा।
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बरामद किए गए प्रमुख सामानों की सूची
- हथियार और गोला-बारूद: दो .303 राइफल और 32 जिंदा कारतूस।
- इलेक्ट्रॉनिक उपकरण: एक लैपटॉप, एक टैबलेट, एक रेडियो और तीन वायरलेस सेट की बैटरी।
- अन्य सामग्री: दो नक्सली वर्दी, पांच पोच, दो चार्जर, अतिरिक्त बैटरी और बड़ी मात्रा में नक्सली साहित्य।
नक्सल प्रभावित इलाकों में जारी रहेगा सर्च ऑपरेशन
कांकेर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सीमावर्ती इलाकों में नक्सलियों की मौजूदगी और उनकी गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए सुरक्षा बलों द्वारा लगातार सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। इस सफलता के बाद सुरक्षा एजेंसियां और अधिक सतर्क हो गई हैं। भविष्य में भी इन संवेदनशील क्षेत्रों में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सर्च ऑपरेशन का सिलसिला जारी रहेगा, ताकि नक्सलियों के किसी भी संभावित हमले को समय रहते नाकाम किया जा सके और क्षेत्र में आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।









