Google AI: आपका डेटा हो रहा लीक, प्राइवेसी के लिए तुरंत बदलें ये 5 सेटिंग्स

गूगल ने अपनी सेवा की शर्तों (Terms of Service) और एआई डेटा नीति में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब यदि आप गूगल के एआई फीचर्स जैसे जेमिनी (Gemini), गूगल सर्च और गूगल लेंस का उपयोग करते हैं, तो आपके द्वारा साझा की गई फोटो, ऑडियो और अन्य फाइलों का इस्तेमाल कंपनी अपने एआई मॉडल को…

गूगल की नई प्राइवेसी पॉलिसी: क्या आपका डेटा AI को और स्मार्ट बना रहा है? जानें कैसे सुरक्षित रखें अपनी जानकारी

गूगल ने अपनी सेवा की शर्तों (Terms of Service) और एआई डेटा नीति में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब यदि आप गूगल के एआई फीचर्स जैसे जेमिनी (Gemini), गूगल सर्च और गूगल लेंस का उपयोग करते हैं, तो आपके द्वारा साझा की गई फोटो, ऑडियो और अन्य फाइलों का इस्तेमाल कंपनी अपने एआई मॉडल को प्रशिक्षित करने और बेहतर बनाने के लिए कर सकती है।

कंपनी के नए नियमों के मुताबिक, जब आप जेमिनी से बातचीत करते हैं या लेंस के जरिए कोई फोटो अपलोड करते हैं, तो वह डेटा एआई ट्रेनिंग का हिस्सा बन सकता है। यहाँ तक कि कुछ मामलों में, एआई की गुणवत्ता सुधारने के लिए इंसानी समीक्षक भी आपके डेटा की समीक्षा कर सकते हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि फिलहाल जीमेल, गूगल ड्राइव और गूगल फोटोज का सामान्य डेटा इस एआई ट्रेनिंग प्रोग्राम से बाहर रखा गया है।

निजी जानकारी साझा करने से रहें सावधान

तकनीकी जानकारों का मानना है कि आज गूगल का इस्तेमाल महज सर्च करने के लिए नहीं, बल्कि मेडिकल सलाह, कानूनी दस्तावेजों के विश्लेषण और ऑफिस के काम के लिए भी किया जा रहा है। इस दौरान अनजाने में कई बार यूजर अपनी निजी और संवेदनशील जानकारी एआई के साथ साझा कर देते हैं। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि एआई टूल्स का उपयोग करते समय अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए।

एआई ट्रेनिंग के लिए डेटा का इस्तेमाल कैसे रोकें?

यदि आप नहीं चाहते कि आपका डेटा एआई के सीखने की प्रक्रिया में इस्तेमाल हो, तो आप अपनी गूगल सेटिंग्स में बदलाव कर सकते हैं:

  • सर्च सेटिंग्स: अपने गूगल अकाउंट में जाकर ‘सर्च सर्विसेज सेटिंग्स’ को मैनेज करें।
  • मीडिया सेविंग बंद करें: ‘Save Media’ विकल्प को डिसेबल कर दें, ताकि एआई के लिए हिस्ट्री सेव न हो।
  • ऑटो-डिलीट: अपनी सर्च हिस्ट्री को 3, 6, 18 या 36 महीने के अंतराल पर ऑटो-डिलीट मोड पर सेट करें।
  • पर्सनलाइजेशन बंद करें: यदि आप अपनी पिछली गतिविधियों के आधार पर परिणाम नहीं चाहते, तो ‘सर्च पर्सनलाइजेशन’ को ऑफ कर दें।
  • माय एक्टिविटी: समय-समय पर ‘My Activity’ सेक्शन में जाकर चेक करें कि कौन सा डेटा सेव हो रहा है और उसे डिलीट करें।

सेटिंग्स बदलने पर क्या असर पड़ेगा?

इन सेटिंग्स को बंद करने से गूगल सर्च, मैप्स और जेमिनी की कार्यक्षमता पर थोड़ा असर पड़ सकता है। इसे आप नीचे दी गई तालिका से समझ सकते हैं:

फीचरक्या बदलाव आएगा?
पर्सनलाइज्ड सिफारिशेंरेस्तरां या स्थानों के सुझाव कम सटीक हो सकते हैं।
सर्च हिस्ट्रीपुरानी सर्च को दोबारा ढूंढने में अधिक समय लग सकता है।
एआई संदर्भएआई आपकी पिछली गतिविधियों को याद नहीं रख पाएगा।

इन चीजों को कभी भी AI पर अपलोड न करें

प्राइवेसी एक्सपर्ट्स ने चेताया है कि किसी भी एआई चैटबॉट के साथ निम्नलिखित जानकारी साझा करने से बचें:

  • आधार कार्ड, पैन कार्ड या पासपोर्ट की कॉपी।
  • बैंक स्टेटमेंट और वित्तीय दस्तावेज।
  • पासवर्ड और ओटीपी (OTP)।
  • व्यक्तिगत मेडिकल रिपोर्ट।
  • कानूनी अनुबंध और ऑफिस की गोपनीय फाइलें।

अपनी डिजिटल सुरक्षा के लिए यह आवश्यक है कि आप एआई के साथ बातचीत करते समय हमेशा सतर्क रहें और केवल सार्वजनिक जानकारी ही साझा करें।