बड़वानी में विकास का क्रेडिट लेने को लेकर घमासान, वेंडर मॉल के उद्घाटन पर भिड़े भाजपा-कांग्रेस नेता
बड़वानी में रविवार को झंडा चौक पर बने नए वेंडर मॉल का लोकार्पण कार्यक्रम उस समय सियासी अखाड़े में तब्दील हो गया, जब भाजपा और कांग्रेस के नेता विकास कार्यों का श्रेय लेने के लिए आपस में भिड़ गए। 3.10 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस मॉल के उद्घाटन के दौरान मंच पर ही जमकर नोकझोंक हुई। तीन साल की लंबी देरी और कई डेडलाइन फेल होने के बाद बने इस मॉल का फीता काटने के लिए दोनों दलों के बीच मची खींचतान ने आयोजन की गरिमा को तार-तार कर दिया। भाजपा द्वारा किए गए तीखे कटाक्ष से नाराज होकर कांग्रेस विधायक राजन मंडलोई ने बीच कार्यक्रम से वॉकआउट कर दिया, जिसके बाद भाजपा नेताओं ने अकेले ही कार्यक्रम को आगे बढ़ाया।
इस हंगामे की शुरुआत तब हुई जब भाजपा मंडल अध्यक्ष शुभम पांडे ने अपने संबोधन के दौरान कांग्रेस की पिछली परिषदों पर विकास कार्यों में विफलता का आरोप लगाया। यह सुनते ही कांग्रेस विधायक राजन मंडलोई ने अपनी सीट से उठकर मंच पर ही विरोध जताना शुरू कर दिया। विधायक का कहना था कि इस वेंडर मॉल की टेंडर प्रक्रिया और पूरी कार्ययोजना उनके कार्यकाल में ही शुरू हुई थी, जिसे भाजपा अब अपना बताकर श्रेय बटोर रही है। उन्होंने मंच से ही भाजपा नेताओं को ओछी राजनीति न करने की नसीहत दी, जिसके बाद मामला गरमा गया और कांग्रेस समर्थकों ने कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया।
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विधायक ने लगाए अपमान के आरोप
कार्यक्रम से बाहर निकलने के बाद कांग्रेस विधायक राजन मंडलोई ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह केवल क्रेडिट वॉर नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम का संचालन एक सप्लायर द्वारा किया जा रहा था, जिसने प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया और निर्वाचित पार्षदों का नाम तक नहीं लिया। विधायक ने कहा कि भाजपा ने 3 साल की देरी के बाद अब विकास का ढिंढोरा पीटने का काम किया है।
भाजपा का पलटवार और विकास का दावा
कांग्रेस के वॉकआउट के बाद सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने मोर्चा संभाला और भाजपा की उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने कहा कि इस वेंडर मॉल का निर्माण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे विकास अभियानों का हिस्सा है। सांसद ने स्पष्ट किया कि भाजपा केवल बातें नहीं करती, बल्कि धरातल पर काम करने में विश्वास रखती है। उन्होंने कहा कि रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं के लिए स्थायी दुकानों की व्यवस्था करना एक ऐतिहासिक कदम है, जो बड़वानी के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
सियासी गलियारों में चर्चा का विषय
- विकास बनाम श्रेय: 3.10 करोड़ की लागत वाले प्रोजेक्ट पर दोनों दलों के दावे।
- प्रोटोकॉल का मुद्दा: मंच संचालन और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी पर विवाद।
- आगामी सियासी जंग: वेंडर मॉल के बहाने आगामी चुनावों की बिसात बिछती नजर आ रही है।
बड़वानी का यह वेंडर मॉल अब जनता के बीच चर्चा का विषय बन गया है। जहां एक ओर भाजपा इसे अपनी बड़ी उपलब्धि बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे अपने कार्यकाल की योजना बताकर जनता के बीच सहानुभूति बटोरने की कोशिश कर रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आम जनता इस ‘क्रेडिट वॉर’ को किस नजरिए से देखती है और आने वाले समय में इसका क्या सियासी असर पड़ता है।




