IDFC First Bank का मुनाफा 132% उछला, कमाई में बड़ी बढ़त


निजी क्षेत्र के प्रमुख बैंक, IDFC फर्स्ट बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के लिए अपने वित्तीय परिणाम घोषित कर दिए हैं। बैंक ने इस अवधि में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 1,075 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ दर्ज किया है, जो सालाना आधार पर 132.2% की भारी उछाल को दर्शाता है। पिछले…

IDFC फर्स्ट बैंक का शानदार प्रदर्शन: जून तिमाही में मुनाफा 132% बढ़ा

निजी क्षेत्र के प्रमुख बैंक, IDFC फर्स्ट बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के लिए अपने वित्तीय परिणाम घोषित कर दिए हैं। बैंक ने इस अवधि में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 1,075 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ दर्ज किया है, जो सालाना आधार पर 132.2% की भारी उछाल को दर्शाता है। पिछले साल की समान तिमाही में बैंक का मुनाफा 463 करोड़ रुपए था। मुनाफे में यह बड़ी वृद्धि मुख्य रूप से मजबूत नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) और प्रोविजनिंग में कमी आने के कारण संभव हुई है।

नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) और मार्जिन में मजबूती

बैंक की वित्तीय सेहत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसकी नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) सालाना आधार पर 21% बढ़कर 5,972 करोड़ रुपए पर पहुंच गई है, जो पिछले साल इसी अवधि में 4,933 करोड़ रुपए थी। बैंक के कोर लेंडिंग बिजनेस में आई तेजी का असर नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर भी दिखा है। जून 2026 में बैंक का NIM बढ़कर 5.96% हो गया, जो पिछले वर्ष 5.71% था। इसके अलावा, बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट भी 14% के इजाफे के साथ 2,553 करोड़ रुपए दर्ज किया गया है।

एसेट क्वालिटी और प्रोविजनिंग में सुधार

बैंक ने अपनी एसेट क्वालिटी को बेहतर बनाने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। जून तिमाही के अंत तक बैंक का ग्रॉस एनपीए (GNPA) घटकर 1.51% रह गया है, जबकि नेट एनपीए में भी सुधार दर्ज किया गया है जो अब 0.44% पर आ गया है। प्रोविजनिंग खर्च में भी सालाना आधार पर कमी आई है, जो पिछले वर्ष के 1,659 करोड़ रुपए से घटकर 1,144 करोड़ रुपए हो गया है। हालांकि, पिछली तिमाही की तुलना में इसमें मामूली बढ़ोतरी देखी गई है।

कुल कस्टमर बिजनेस और लोन बुक का विस्तार

बैंक का कुल कस्टमर बिजनेस (लोन और डिपॉजिट) 18.6% की सालाना दर से बढ़कर 6.04 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच गया है। लोन बुक में 20.6% की वृद्धि देखी गई है, जो 3,05,370 करोड़ रुपए हो गई है। विकास के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:

  • RAM पोर्टफोलियो: रिटेल, एग्रीकल्चर और एमएसएमई (RAM) सेगमेंट में 18.2% की सालाना ग्रोथ के साथ यह 2,41,118 करोड़ रुपए पर पहुंच गया।
  • होलसेल बुक: होलसेल लोन सेगमेंट में सबसे अधिक 30.4% की सालाना वृद्धि दर्ज की गई, जो 64,252 करोड़ रुपए रही।

डिपॉजिट्स में बढ़ोतरी और CASA रेशियो

IDFC फर्स्ट बैंक के कस्टमर डिपॉजिट्स 16.6% बढ़कर 2,99,405 करोड़ रुपए हो गए हैं। बैंक का CASA रेशियो सुधरकर 50.8% के स्तर पर पहुंच गया है, जो बैंक की फंड जुटाने की लागत को कम करने में मददगार साबित होगा। यह पिछले साल 48% और पिछली तिमाही में 49.8% था। इसके अतिरिक्त, बैंक का रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) भी पिछले साल के 0.54% से बढ़कर 1.06% हो गया है, जो बैंक की परिचालन दक्षता में सुधार को दर्शाता है।

बैंकिंग शब्दावली को समझें

  • CASA रेशियो: यह बैंक के कुल डिपॉजिट में करंट और सेविंग्स अकाउंट का हिस्सा है। उच्च कासा रेशियो का मतलब है कि बैंक को फंड्स पर कम ब्याज देना पड़ रहा है, जिससे मुनाफा बढ़ता है।
  • नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM): यह बैंक के लोन पर मिलने वाले ब्याज और डिपॉजिट पर दिए जाने वाले ब्याज के बीच का अंतर है, जो बैंक की लाभप्रदता का मुख्य पैमाना है।