PF बैलेंस चेक करें: खाते में ब्याज आना शुरू, अपनाएं ये 4 आसान तरीके


कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने करोड़ों खाताधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी जारी की है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 8.25% की दर से ब्याज की राशि पीएफ खातों में जमा करने की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू कर दी गई है। कई सब्सक्राइबर्स को ब्याज क्रेडिट होने के कन्फर्मेशन मैसेज मिलने शुरू हो…

EPFO का बड़ा अपडेट: वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पीएफ ब्याज मिलना शुरू, निकासी के नियमों में हुआ बड़ा बदलाव

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने करोड़ों खाताधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी जारी की है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 8.25% की दर से ब्याज की राशि पीएफ खातों में जमा करने की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू कर दी गई है। कई सब्सक्राइबर्स को ब्याज क्रेडिट होने के कन्फर्मेशन मैसेज मिलने शुरू हो गए हैं। यदि आपको अभी तक कोई एसएमएस प्राप्त नहीं हुआ है, तो चिंता न करें, क्योंकि यह प्रक्रिया चरणों में पूरी की जा रही है। आप स्वयं भी आधिकारिक पोर्टल या ऐप के जरिए अपना बैलेंस चेक कर सकते हैं।

PF निकासी के नियमों में बदलाव: अब 75% तक ही निकाल पाएंगे राशि

EPFO ने पीएफ निकासी से जुड़े नियमों में एक महत्वपूर्ण संशोधन किया है, जिसका असर सभी खाताधारकों पर पड़ेगा। नए निर्देशों के अनुसार, अब पीएफ सदस्य अपने खाते से पूरी जमा राशि नहीं निकाल सकेंगे। अब आपको अपने कुल ‘एलिजिबल मेंबर बैलेंस’ का कम से कम 25% हिस्सा हर हाल में खाते में सुरक्षित रखना होगा।

इसे एक सरल उदाहरण से समझें: यदि आपके पीएफ खाते में 1 लाख रुपये जमा हैं, तो नियमों के तहत आप इसमें से केवल 75,000 रुपये (75%) ही निकाल पाएंगे। शेष 25,000 रुपये (25%) को खाते में बनाए रखना अनिवार्य कर दिया गया है। यह कदम भविष्य में सदस्यों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

UPI और ATM से मिलेगा पीएफ का पैसा, EPFO 3.0 की तैयारी

डिजिटल इंडिया के दौर में EPFO अब अपनी सेवाओं को और भी सुगम बनाने की दिशा में काम कर रहा है। जल्द ही संगठन UPI और ATM के माध्यम से पीएफ राशि निकालने की सुविधा पेश करने जा रहा है। यह पहल EPFO 3.0 प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिससे करीब 7.8 करोड़ सब्सक्राइबर्स को सीधा लाभ मिलेगा।

  • बिना कागजी कार्रवाई: नई प्रणाली से फंड निकासी के लिए किसी भी जटिल फॉर्म या दस्तावेजों की जरूरत नहीं होगी।
  • ऑटो-क्लेम सेटलमेंट: पीएफ सेटलमेंट की प्रक्रिया अब पूरी तरह से ऑटोमेटेड और तेज होगी।
  • डायरेक्ट ट्रांसफर: कर्मचारी अपनी पसंद के बैंक खाते में सीधे फंड प्राप्त कर सकेंगे।

EPFO 3.0 को पीएफ निकासी के क्षेत्र में एक ‘गेम-चेंजर’ माना जा रहा है। इससे पहले EPFO 2.0 में किए गए सुधारों ने प्रक्रिया को ऑनलाइन बनाया था, लेकिन 3.0 वर्शन इसे और अधिक यूजर-फ्रेंडली और पारदर्शी बनाने पर केंद्रित है।