नीट (NEET) पेपर लीक मामले और दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों व कांग्रेस नेताओं पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में बुधवार को राजस्थान के करौली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उग्र प्रदर्शन किया। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे व गृह मंत्री अमित शाह से सार्वजनिक माफी की मांग की।
करौली में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन और पुतला दहन
करौली जिला कांग्रेस कार्यालय से शुरू होकर पुराने कलेक्ट्रेट चौराहे तक निकाली गई शव यात्रा के जरिए कांग्रेस ने केंद्र सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राम गोपाल माली की अगुवाई में भारी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने साफ तौर पर कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाली सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
लोकतांत्रिक मूल्यों के हनन का आरोप
कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लोकतंत्र पर हमला करार दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को रख रहे युवाओं पर बल प्रयोग करना सरकार की तानाशाही को दर्शाता है। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि विरोध की आवाज को लाठियों से दबाने की कोशिश करना संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है, जिसे देश का युवा कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।
नीट पेपर लीक पर सरकार बैकफुट पर
प्रदर्शन के दौरान नीट परीक्षा की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाए गए। प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
- शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक आधार पर तुरंत पद छोड़ने की मांग की है।
- अमित शाह से माफी: छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के लिए गृह मंत्री अमित शाह को देश से माफी मांगने को कहा गया है।
- भविष्य के साथ खिलवाड़: वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पेपर लीक से लाखों मेधावी छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो गया है।
आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी
कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि नीट पेपर लीक मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती है और छात्रों की मांगों को नजरअंदाज किया जाता है, तो यह आंदोलन और अधिक आक्रामक रूप लेगा। जिला स्तर पर हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।








