Power Grid: मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणों का प्रदर्शन, काम रोका

राजस्थान के झुंझुनूं जिले के सोनासर गांव में अपनी मांगों को लेकर किसानों का संघर्ष लगातार गहराता जा रहा है। अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले चल रहा यह धरना रविवार को चौथे दिन में प्रवेश कर गया है। किसान नेता रोहितास महला की अध्यक्षता में आयोजित इस प्रदर्शन में आसपास के जिलों के…

झुंझुनूं: सोनासर में किसानों का हुंकार, चौथे दिन भी जारी रहा अनिश्चितकालीन धरना

राजस्थान के झुंझुनूं जिले के सोनासर गांव में अपनी मांगों को लेकर किसानों का संघर्ष लगातार गहराता जा रहा है। अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले चल रहा यह धरना रविवार को चौथे दिन में प्रवेश कर गया है। किसान नेता रोहितास महला की अध्यक्षता में आयोजित इस प्रदर्शन में आसपास के जिलों के किसानों ने भी भारी संख्या में जुटकर अपनी एकजुटता प्रदर्शित की है। किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं और अग्रिम मुआवजा नहीं मिलता, तब तक पावर ग्रिड कंपनी को क्षेत्र में कोई भी निर्माण कार्य नहीं करने दिया जाएगा।

सीकर के किसानों का मिला साथ, आंदोलन को मिली नई मजबूती

सोनासर के किसानों के इस आंदोलन को और अधिक धार देने के लिए सीकर जिले के फकीरपुरा गांव के प्रभावित किसान भी धरना स्थल पर पहुंचे। इस दौरान मंजीत बाजिया, बनवारी बाजिया और विनोद कालेर जैसे किसान नेताओं ने मंच साझा किया। सीकर से आए किसानों ने वादा किया है कि यदि प्रशासन और कंपनी ने जल्द ही सकारात्मक रुख नहीं अपनाया, तो वे सीकर से और बड़ी संख्या में किसानों को लेकर झुंझुनूं पहुंचेंगे और इस संघर्ष को निर्णायक मोड़ तक ले जाएंगे।

कंपनी पर वादाखिलाफी का गंभीर आरोप

धरने के दौरान पावर ग्रिड कंपनी की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए गए। सीकर से आए किसान नेता मंजीत बाजिया ने आरोप लगाया कि कंपनी के अधिकारी लिखित समझौतों का सम्मान नहीं करते हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व में सीकर में भी कंपनी ने किसानों के साथ लिखित करार किया था, लेकिन बाद में वे अपनी बातों से मुकर गए। किसानों का मानना है कि कंपनी की मंशा नियमानुसार मुआवजा देने की नहीं है, जिसके चलते उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा है।

प्रमुख मांगें और आगामी रणनीति

मुख्य मांग विवरण
अग्रिम मुआवजा काम शुरू करने से पहले किसानों को उचित मुआवजे का भुगतान हो।
लिखित समझौता कंपनी द्वारा किए गए वादों को लिखित में पूरा किया जाए।
कार्य पर रोक मांग पूरी होने तक पावर ग्रिड का काम पूर्णतः बंद रहेगा।

धरना स्थल पर आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में आंदोलन को आगे बढ़ाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में महिपाल पूनिया, नवीन चौधरी, सहकारी समिति अध्यक्ष जयपाल महला, पूर्व सरपंच सुरेंद्र सिंह सिलाइच, सुनील महला, अमित, नरेंद्र महला, लीलाधर महला, हरफूल यादव, छाजू राम यादव, रतन यादव, सहीराम महला, राजेंद्र, बलदेव, सुरेंद्र महला, विकास योगी, धर्मेंद्र नायक, सुरजीत महला, नवीन महला और जितेंद्र सहित क्षेत्र के अनेक किसान उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि वे पीछे हटने वाले नहीं हैं और जीत मिलने तक यह धरना जारी रहेगा।


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