ग्वालियर में साइबर ठगों का बड़ा खेल: मोबाइल बंद होते ही किसान के खाते से उड़ाए 1 लाख रुपये
ग्वालियर में साइबर अपराधियों का दुस्साहस लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला मुरार थाना क्षेत्र के मुर्गी फार्म इलाके का है, जहां एक 32 वर्षीय किसान दीपक राजपूत को साइबर ठगों ने अपना शिकार बनाया। ठगों ने न केवल किसान का मोबाइल हैक किया, बल्कि उनके बैंक खाते से 1 लाख रुपये की बड़ी रकम भी उड़ा ली। हैरान करने वाली बात यह है कि पीड़ित को दो दिनों तक इस साइबर सेंधमारी की भनक तक नहीं लगी।
मोबाइल बंद होना बना मुसीबत की शुरुआत
मामले की जानकारी देते हुए पीड़ित किसान ने बताया कि 11 जून को अचानक उनका मोबाइल फोन बंद हो गया था। इसे उन्होंने महज एक तकनीकी खराबी समझा और नजरअंदाज कर दिया। जब दो दिन बाद वे मोबाइल ठीक कराने मैकेनिक के पास पहुंचे, तो मैकेनिक ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि मोबाइल को किसी ने रिमोट एक्सेस के जरिए फॉर्मेट कर दिया है।
बैंक स्टेटमेंट देखते ही उड़ गए होश
मोबाइल के साथ हुई छेड़छाड़ की जानकारी मिलते ही किसान को अनहोनी का शक हुआ। वे तुरंत अपनी यूनियन बैंक की बड़ागांव शाखा पहुंचे और अपना स्टेटमेंट निकलवाया। बैंक स्टेटमेंट हाथ में आते ही उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। खाते से 1 लाख रुपये की राशि अज्ञात ठगों द्वारा ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए निकाली जा चुकी थी।
ठगी का तरीका और पुलिस की कार्रवाई
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि किसान के मोबाइल में संभवतः किसी संदिग्ध APK फाइल के जरिए वायरस भेजा गया था। इसी फाइल के माध्यम से ठगों ने मोबाइल का पूरा एक्सेस हासिल किया और बैंक खातों तक पहुंच बनाई।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पीड़ित | दीपक राजपूत (किसान) |
| ठगी की राशि | 1,00,000 रुपये |
| शिकायत नंबर | 1930 (साइबर हेल्पलाइन) |
| क्षेत्र | मुरार, ग्वालियर |
पुलिस ने शुरू की जांच
- पीड़ित ने तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराई।
- मुरार थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
- साइबर एक्सपर्ट्स की टीम यह पता लगाने में जुटी है कि ठगों ने किस तरह मोबाइल हैक किया।
- पुलिस उन बैंक खातों की भी पहचान कर रही है, जिनमें चोरी की रकम ट्रांसफर की गई है।
पुलिस ने आम नागरिकों को भी आगाह किया है कि किसी भी अनजान लिंक या संदिग्ध APK फाइल को डाउनलोड न करें, क्योंकि यह आपकी निजी जानकारी और बैंक खातों के लिए बड़ा खतरा हो सकती है।
