Jodhpur: तेज रफ्तार कार से नाराज ‘टपोरी’ ने 12 गाड़ियां तोड़ीं, गिरफ्तार


जोधपुर के सरदारपुरा थाना इलाके में आधी रात को दहशत फैलाने वाले एक सिरफिरे युवक को पुलिस ने सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है। 17 जुलाई की रात को आरोपी ने रिहायशी इलाके में खड़ी एक के बाद एक कई गाड़ियों के शीशे तोड़कर इलाके में हड़कंप मचा दिया था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए…

जोधपुर में गाड़ियों में तोड़फोड़ करने वाला आरोपी गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा जेल

जोधपुर के सरदारपुरा थाना इलाके में आधी रात को दहशत फैलाने वाले एक सिरफिरे युवक को पुलिस ने सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है। 17 जुलाई की रात को आरोपी ने रिहायशी इलाके में खड़ी एक के बाद एक कई गाड़ियों के शीशे तोड़कर इलाके में हड़कंप मचा दिया था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए वारदात के महज 24 घंटे के भीतर आरोपी को धर दबोचा। अदालत के आदेश के बाद उसे अब जेल भेज दिया गया है।

तेज रफ्तार कार बनी तोड़फोड़ की वजह

पकड़े गए आरोपी की पहचान सन्नी उर्फ संजय उर्फ टपोरी (19) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से शेरगढ़ के पाबूपूरा का रहने वाला है और वर्तमान में प्रतापनगर में निवास कर रहा था। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने जो खुलासा किया, वह हैरान करने वाला है। आरोपी ने बताया कि 17 जुलाई की रात जब वह सड़क से गुजर रहा था, तभी पास से एक कार तेज रफ्तार में निकली। इस बात पर उसे इतना गुस्सा आया कि उसने अपना आपा खो दिया और गली में खड़ी 10 से 12 गाड़ियों को अपना निशाना बनाते हुए उनके शीशे चकनाचूर कर दिए।

स्थानीय लोगों को हुआ लाखों का नुकसान

सरदारपुरा थाना अधिकारी किशनलाल विश्नोई ने बताया कि घटना गांधी मैदान के पीछे की गली में हुई थी। सुबह जब स्थानीय निवासी ललितेंद्र सोलंकी और अन्य लोग अपने घर से बाहर निकले, तो अपनी गाड़ियों की हालत देखकर दंग रह गए। इस पूरी घटना में स्थानीय लोगों को कुल मिलाकर 1 लाख रुपए से अधिक का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।

आरोपी का रहा है आपराधिक इतिहास

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी सन्नी केवल इस मामले तक सीमित नहीं है, बल्कि वह पहले भी कई गंभीर वारदातों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में दर्ज मामले इस प्रकार हैं:

  • प्रतापनगर, मथानिया, खांडाफालसा और सरदारपुरा थानों में आरोपी के खिलाफ मामले दर्ज हैं।
  • आरोपी पर हत्या के प्रयास, चोरी और जानलेवा हमले जैसी गंभीर धाराओं में 5 से अधिक मुकदमे पहले से ही कोर्ट में विचाराधीन हैं।

इस आरोपी को पकड़ने वाली पुलिस टीम में सब-इंस्पेक्टर भंवरलाल, हेड कॉन्स्टेबल प्रहलाद कुमार के साथ-साथ कॉन्स्टेबल कैलाश और मोतीलाल की विशेष भूमिका रही, जिनकी मुस्तैदी से आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जा सका।


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