कोटा में 15 वर्षीय किशोर की हत्या का सनसनीखेज खुलासा, 6 आरोपी गिरफ्तार
राजस्थान के कोटा जिले के रानपुर थाना क्षेत्र में 15 वर्षीय किशोर प्रिंस की मौत के मामले में पुलिस ने एक बड़ा खुलासा किया है। आलनिया डैम से बरामद हुए प्रिंस के शव का मामला महज एक हादसा नहीं, बल्कि एक सोची-समझी हत्या निकला। पुलिस ने इस चुनौतीपूर्ण ‘ब्लाइंड मर्डर केस’ को सुलझाते हुए कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें पांच नाबालिग और एक बालिग आरोपी आकाश शामिल है।
डीएसपी मनीष शर्मा ने जानकारी दी कि प्रिंस 8 जुलाई की सुबह अपने छह दोस्तों के साथ घर से निकला था, लेकिन वह वापस नहीं लौटा। परिजनों की खोजबीन के बाद 9 जुलाई को उसका शव आलनिया डैम में मिला। शव पर चोट के निशान और नाक से खून बहने को देखकर परिजनों ने हत्या का शक जताया था, जिसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की थी।
लड़की से बातचीत बनी हत्या की वजह
पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि हत्या के पीछे की मुख्य वजह एक लड़की से बातचीत थी। प्रिंस और मुख्य आरोपी आकाश के बीच इस बात को लेकर पहले से ही विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के कारण आरोपियों ने प्रिंस को ठिकाने लगाने की साजिश रची। वे उसे बहला-फुसलाकर आलनिया डैम ले गए, जहाँ पहले उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई और फिर उसे गहरे पानी में धक्का दे दिया गया, जिससे डूबने से उसकी मौत हो गई।
तकनीकी साक्ष्यों से बेनकाब हुए आरोपी
शुरुआती पूछताछ में आरोपी पुलिस को लगातार गुमराह करने की कोशिश करते रहे और अलग-अलग बयान देते रहे। हालांकि, पुलिस ने जब तकनीकी साक्ष्यों, जैसे कॉल डिटेल्स और लोकेशन का बारीकी से विश्लेषण किया और सख्ती से पूछताछ की, तो आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
- मुख्य आरोपी: आकाश (गिरफ्तार, जेल भेजा गया)
- नाबालिग आरोपी: 5 (बाल सुधार गृह भेजे गए)
- घटना स्थल: आलनिया डैम, कोटा
- मामले का प्रकार: सुनियोजित हत्या
पुलिस ने सभी पांचों नाबालिगों को बाल सुधार गृह भेज दिया है, जबकि मुख्य आरोपी आकाश को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।
