नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल का बड़ा कदम: अपनी ही सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को हटाया
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने शनिवार को एक बड़ा और चौंकाने वाला निर्णय लिया है। उन्होंने अपनी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को वापस रिजर्व पुलिस लाइन भेज दिया है। बेनीवाल ने नागौर पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात अधिकारियों द्वारा जानबूझकर बीमार पुलिसकर्मियों को ड्यूटी पर भेजा जा रहा है। सांसद ने इसे अपनी छवि धूमिल करने की एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
हनुमान बेनीवाल के पत्र में उठाए गए 4 अहम बिंदु
सांसद बेनीवाल ने अपने पत्र में नागौर पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं, जिन्हें नीचे बिंदुओं में समझा जा सकता है:
- छवि खराब करने की साजिश: बेनीवाल का आरोप है कि नागौर में पुलिस व्यवस्था संभाल रहे अधिकारी जानबूझकर गंभीर बीमारियों से जूझ रहे जवानों को उनकी सुरक्षा में तैनात कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि ड्यूटी के दौरान किसी जवान की तबीयत बिगड़ती है, तो इसका ठीकरा उन पर फोड़कर उनकी सार्वजनिक छवि को खराब करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है।
- बीमार जवानों की सुरक्षा में तैनाती: सांसद ने हालिया घटनाओं का हवाला देते हुए बताया कि न्यूरो और हार्ट की गंभीर बीमारियों से पीड़ित जवानों को सुरक्षा में भेजा गया। 11 जुलाई को कांस्टेबल सुनील विश्नोई और 15 जुलाई को कांस्टेबल बलबीर गुर्जर की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें खुद अस्पताल ले जाना पड़ा। शनिवार को भी एक अस्वस्थ जवान को उनकी सुरक्षा में भेजा गया, जिसे उन्होंने वापस भेज दिया।
- अतिरिक्त सुरक्षा में कटौती पर सवाल: इंटेलिजेंस इनपुट के बावजूद बिना किसी पूर्व सूचना के उनकी सुरक्षा में की गई कटौती को लेकर भी बेनीवाल ने सरकार को घेरा है। उन्होंने पूछा कि अगर पहले सुरक्षा के लिए गंभीर इनपुट थे, तो अब उन्हें बिना बताए क्यों हटाया गया? क्या उनकी सुरक्षा के साथ जानबूझकर खिलवाड़ किया जा रहा है?
- उच्च अधिकारियों की अनदेखी: बेनीवाल ने दावा किया कि उन्होंने राजस्थान के डीजीपी और एडीजी (इंटेलिजेंस) को फोन पर इस लापरवाही की जानकारी दी थी, लेकिन जिला स्तर पर कोई सुधार नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि नागौर के कुछ अधिकारी राजनीतिक प्रभाव में काम कर रहे हैं।
हालिया घटनाओं का विवरण
सांसद द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, उनकी सुरक्षा में तैनात जवानों की सेहत के साथ हुए खिलवाड़ का विवरण इस प्रकार है:
| तिथि | पुलिसकर्मी का नाम | बीमारी का प्रकार |
|---|---|---|
| 11 जुलाई | सुनील विश्नोई | न्यूरोलॉजी संबंधी गंभीर समस्या |
| 15 जुलाई | बलबीर गुर्जर | हार्ट संबंधी पुरानी बीमारी |
| शनिवार | सीताराम | अत्यधिक अस्वस्थ |
अंत में, हनुमान बेनीवाल ने केंद्र और राज्य सरकार से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने और उनकी सुरक्षा व्यवस्था की नए सिरे से समीक्षा करने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी भी जवान के जीवन को जोखिम में नहीं डालना चाहते, इसलिए उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर यह कड़ा रुख अपनाया है।
