Dungarpur: कलेक्ट्रेट पर छात्रों और पुलिस के बीच तीखी झड़प, जमकर हुई नारेबाजी

देश भर में नीट (NEET), यूजीसी (UGC) और सीबीएसई (CBSE) परीक्षाओं में हुई धांधली और पेपर लीक के मामलों ने छात्रों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। इसी क्रम में सोमवार को राजस्थान के डूंगरपुर में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और विभिन्न वामपंथी छात्र संगठनों ने केंद्र सरकार के खिलाफ एक विशाल आक्रोश…

नीट और यूजीसी पेपर लीक के खिलाफ डूंगरपुर में छात्रों का फूटा गुस्सा, जमकर हुआ प्रदर्शन

देश भर में नीट (NEET), यूजीसी (UGC) और सीबीएसई (CBSE) परीक्षाओं में हुई धांधली और पेपर लीक के मामलों ने छात्रों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। इसी क्रम में सोमवार को राजस्थान के डूंगरपुर में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और विभिन्न वामपंथी छात्र संगठनों ने केंद्र सरकार के खिलाफ एक विशाल आक्रोश रैली निकाली। शहर की सड़कों पर उतरे छात्रों ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

एसबीपी कॉलेज से शुरू होकर कलेक्ट्रेट तक निकाली गई इस रैली में छात्रों के हाथों में एसएफआई के झंडे और “मोदी सरकार चुप्पी तोड़ो, छात्रों को जवाब दो” लिखी तख्तियां नजर आईं। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए उनके खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में घुसने की कोशिश की, जिसके चलते पुलिस और छात्रों के बीच तीखी धक्का-मुक्की भी हुई।

दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर जताई कड़ी नाराजगी

आक्रोश रैली का नेतृत्व कर रहे एसएफआई के राजस्थान राज्य उपाध्यक्ष फाल्गुन बरंडा ने दिल्ली पुलिस द्वारा छात्रों के साथ की गई बर्बरता की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे छात्रों को बलपूर्वक हटाना अलोकतांत्रिक है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक मूल्यों का गला घोंटा जा रहा है और छात्रों की जायज आवाज को दबाने के लिए तानाशाही रवैया अपनाया जा रहा है।

एसएफआई की प्रमुख मांगें:

  • केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।
  • विवादों में घिरी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को तत्काल प्रभाव से भंग किया जाए।
  • शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार हो ताकि भविष्य में परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

प्रदर्शन के समापन पर छात्रों ने जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए सिस्टम में बड़े बदलाव करने की पुरजोर मांग की गई है। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।


Exit mobile version