भरतपुर में परिवहन विभाग और विधिक सेवा प्राधिकरण का सख्त एक्शन, 11 बसों का कटा चालान
भरतपुर जिले में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। मंगलवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने एक विशेष अभियान के तहत बसों की सघन चेकिंग की। लुधावई टोल प्लाजा पर की गई इस कार्रवाई से बस संचालकों और चालकों में हड़कंप मच गया। चेकिंग के दौरान कई बसों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई गई, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया।
सुरक्षा मानकों में भारी लापरवाही, इमरजेंसी गेट तक नदारद
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव नवीन कुमार किलानिया ने जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के विशेष निर्देशों के अनुपालन में चलाया गया है। चेकिंग के दौरान पाया गया कि अधिकांश बसों में सुरक्षा के बुनियादी नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि कई बसों में इमरजेंसी एग्जिट गेट (आपातकालीन द्वार) ही नहीं थे, जो किसी भी दुर्घटना की स्थिति में यात्रियों की जान जोखिम में डाल सकते हैं।
कार्रवाई का विवरण
इस संयुक्त अभियान में परिवहन अधिकारी मुद्गल और परिवहन निरीक्षक अजय सिंह समेत विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्रवाई के दौरान पकड़ी गई बसों पर सख्त जुर्माना लगाया गया है:
| विवरण | संख्या/राशि |
|---|---|
| कुल चालान की गई बसें | 11 |
| कुल वसूला गया जुर्माना | 1 लाख 39 हजार रुपये |
| सीज की गई बसें | 01 |
यात्रियों की सुविधा का रखा गया ध्यान
प्रशासन ने इस बात का विशेष ध्यान रखा कि कानून का पालन कराने के दौरान आम यात्रियों को कोई असुविधा न हो। जो बस सीज की गई, उसमें सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित तरीके से अन्य वाहनों के माध्यम से उनके गंतव्य स्थान तक भिजवाया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी इस प्रकार के औचक निरीक्षण और कार्रवाई का दौर जारी रहेगा।
- मुख्य उद्देश्य: सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना।
- चेतावनी: बिना इमरजेंसी गेट और फिटनेस वाली बसों पर आगे भी कड़ी कार्रवाई होगी।
- अपील: बस संचालकों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने वाहनों में सभी सुरक्षा उपकरण दुरुस्त रखें।
