IDBI बैंक में 61% हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, जल्द होगी बड़ी डील

भारत सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) द्वारा IDBI बैंक में अपनी बड़ी हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। सरकार बैंक में कुल 60.7% हिस्सेदारी बेचने की तैयारी कर रही है। इस रणनीतिक विनिवेश (Strategic Disinvestment) के लिए कनाडा की दिग्गज कंपनी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स और दुबई के…

IDBI बैंक के निजीकरण की कवायद तेज: फेयरफैक्स और एमिरेट्स NBD की बोली पर जल्द हो सकता है फैसला

भारत सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) द्वारा IDBI बैंक में अपनी बड़ी हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। सरकार बैंक में कुल 60.7% हिस्सेदारी बेचने की तैयारी कर रही है। इस रणनीतिक विनिवेश (Strategic Disinvestment) के लिए कनाडा की दिग्गज कंपनी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स और दुबई के एमिरेट्स NBD ने अपनी बोलियां पेश की हैं। सरकारी सूत्रों की मानें तो इस मेगा डील पर अगले एक महीने के भीतर मुहर लग सकती है।

उच्च स्तरीय समीक्षा और प्रक्रिया में तेजी

IDBI बैंक की हिस्सेदारी बिक्री की प्रक्रिया को गति देने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। हाल ही में वरिष्ठ नौकरशाहों के एक पैनल ने इस पूरे ट्रांजैक्शन की बारीकियों पर चर्चा करने के लिए बैठक की है। वर्तमान में, इन दोनों विदेशी कंपनियों द्वारा सौंपी गई संशोधित बोलियों (Revised Bids) की गहन जांच और मूल्यांकन किया जा रहा है ताकि एक पारदर्शी और सफल सौदा सुनिश्चित किया जा सके।

IDBI बैंक में शेयरहोल्डिंग का गणित

इस प्रस्तावित विनिवेश के तहत सरकार और LIC अपनी मौजूदा हिस्सेदारी का बड़ा हिस्सा निजी हाथों में सौंपने जा रहे हैं। वर्तमान शेयरहोल्डिंग स्थिति इस प्रकार है:

हितधारक वर्तमान हिस्सेदारी
भारत सरकार 45.48%
LIC 49.24%
कुल 94.72%

इन दोनों संस्थाओं के पास मौजूद कुल शेयरों में से 60.7% हिस्सा बेचने की प्रक्रिया चल रही है, जिससे बैंक का प्रबंधन नियंत्रण (Management Control) खरीदार के पास चला जाएगा।

बैंकिंग सेक्टर के लिए ऐतिहासिक सौदा

बाजार के जानकारों के अनुसार, इस अधिग्रहण की कुल वैल्यू लगभग 5.7 बिलियन डॉलर आंकी जा रही है। यदि यह सौदा सफल होता है, तो यह भारतीय बैंकिंग इतिहास में विदेशी निवेश के सबसे बड़े मामलों में से एक गिना जाएगा।

  • प्रमुख दावेदार: फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स (प्रेम वत्सा) और एमिरेट्स NBD।
  • समय सीमा: सभी वैधानिक प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद अगले 30 दिनों में डील फाइनल होने की उम्मीद।
  • बाजार का रुख: विनिवेश की खबरों के बीच IDBI बैंक के शेयरों में उछाल देखा गया, जो 3% की तेजी के साथ 86.48 रुपये पर बंद हुआ।

रणनीतिक विनिवेश क्या है?

सरकार द्वारा जब किसी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम या बैंक में 50% से अधिक हिस्सेदारी और प्रबंधन नियंत्रण किसी निजी इकाई को हस्तांतरित किया जाता है, तो उसे ‘रणनीतिक विनिवेश’ कहा जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी खजाने में राजस्व जुटाने के साथ-साथ संस्था की कार्यकुशलता और प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाना है।


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