Power: राजनांदगांव में बिजली क्षमता बढ़ी, उद्योगों और रोजगार को मिलेगी रफ्तार

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने राजनांदगांव जिले में बिजली पारेषण (ट्रांसमिशन) प्रणाली को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने 220/132 केवी लिटिया-सेमरिया उपकेंद्र में 160-160 एमवीए क्षमता के दो अत्याधुनिक पावर ट्रांसफार्मरों का सफलतापूर्वक ऊर्जीकरण (Energization) कर दिया है। सोमवार को कंपनी के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार…

राजनांदगांव में बिजली व्यवस्था को मिली बड़ी मजबूती: 320 एमवीए क्षमता के दो नए ट्रांसफार्मर शुरू

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने राजनांदगांव जिले में बिजली पारेषण (ट्रांसमिशन) प्रणाली को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने 220/132 केवी लिटिया-सेमरिया उपकेंद्र में 160-160 एमवीए क्षमता के दो अत्याधुनिक पावर ट्रांसफार्मरों का सफलतापूर्वक ऊर्जीकरण (Energization) कर दिया है। सोमवार को कंपनी के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला ने विधिवत रूप से इन ट्रांसफार्मरों का शुभारंभ किया।

क्षमता में 320 एमवीए का इजाफा

इस नई स्थापना के साथ ही उपकेंद्र की कुल पारेषण क्षमता में 320 एमवीए की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस विस्तार से राजनांदगांव और दुर्ग जिले के बिजली नेटवर्क को काफी मजबूती मिलेगी। इससे न केवल बढ़ते बिजली लोड का बेहतर प्रबंधन हो सकेगा, बल्कि उपभोक्ताओं को ट्रिपिंग-मुक्त और उच्च गुणवत्ता वाली विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

विवरण तकनीकी जानकारी
उपकेंद्र का नाम 220/132 केवी लिटिया-सेमरिया
स्थापित नए ट्रांसफार्मर 160 एमवीए के 2 ट्रांसफार्मर
कुल क्षमता वृद्धि 320 एमवीए

औद्योगिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार

यह क्षमता वृद्धि राज्य के औद्योगिक भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेष रूप से प्रस्तावित इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC-2.0/सेमीकंडक्टर पार्क) और बिजेभाट स्थित नए औद्योगिक क्षेत्रों को अब 132 केवी स्तर पर निर्बाध बिजली मिलेगी। जानकारों का मानना है कि इस बुनियादी ढांचे के मजबूत होने से राजनांदगांव में बड़े औद्योगिक निवेश का मार्ग प्रशस्त होगा, जिससे स्थानीय स्तर पर सैकड़ों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

प्रबंध निदेशक ने बताया भविष्य की तैयारी

उद्घाटन के अवसर पर प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला ने कहा कि ट्रांसमिशन नेटवर्क का लगातार विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कंपनी का लक्ष्य न केवल उद्योगों को बल्कि घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं को भी निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना है। यह बढ़ी हुई क्षमता भविष्य की बढ़ती मांग को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।

कार्यक्रम में इनकी रही उपस्थिति

इस महत्वपूर्ण ऊर्जीकरण कार्यक्रम के दौरान कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस दौरान प्रमुख रूप से निम्नलिखित अधिकारी मौजूद रहे:

  • कार्यपालक निदेशक: संजय पटेल, के.एस. मिनोठिया, वी.के. दीक्षित, संजय आर.बी. खंडेलवाल, शिरीष सालेट
  • मुख्य अभियंता: अब्राहम वर्गीज, प्रसन्ना गोसावी
  • पावर कंपनी के अन्य वरिष्ठ अभियंता एवं कर्मचारी

इस पहल से निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ के बिजली ग्रिड की विश्वसनीयता बढ़ेगी और राज्य के औद्योगिक विकास में एक नया अध्याय जुड़ेगा।


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