राजघराने की ‘चांदी की चटनी’ और शेफ चारू सोनी का सफर: 60 हजार रुपये की एक कटोरी का क्या है रहस्य?
बीकानेर की रहने वाली शेफ चारू सोनी इन दिनों अपनी अनूठी ‘चांदी की चटनी’ को लेकर चर्चा में हैं। यह शाही व्यंजन, जिसे कभी राजस्थान के राजा-महाराजाओं के लिए तैयार किया जाता था, अब ‘मास्टर शेफ इंडिया’ के मंच पर शिल्पा शेट्टी जैसे सितारों को भी हैरान कर चुका है। स्वर्ण और चांदी भस्म के साथ सूखे मेवों के मिश्रण से तैयार इस चटनी की एक कटोरी की कीमत करीब 60 हजार रुपये तक पहुंचती है। फिलहाल जयपुर के सिटी पैलेस में बतौर शेफ कार्यरत चारू सोनी का यह सफर एक गृहिणी से एक सफल पेशेवर शेफ तक का प्रेरणादायक रहा है।
शून्य से शिखर तक का सफर
चारू सोनी के लिए खाना पकाने की शुरुआत बेहद सामान्य थी। शादी के समय उन्हें आटा गूंथना तक नहीं आता था, लेकिन उनके पति ललित सोनी ने उन्हें रसोई के गुर सिखाए। बीकानेर की ‘टिफिन गोठ’ संस्कृति से प्रेरित होकर उन्होंने खाना पकाना शुरू किया और देखते ही देखते यह शौक उनके करियर में बदल गया। 2012 में कुकिंग प्रतियोगिता जीतने के बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और 2025 में अपने बेटे हेमांग के साथ ‘मास्टर शेफ इंडिया’ के मंच तक पहुंचीं।
क्यों खास है ‘चांदी की चटनी’?
चारू बताती हैं कि उन्हें इस चटनी का विचार एक वैद्य से मिला था। प्राचीन काल में इसे स्वास्थ्य और ऊर्जा के लिए राजघरानों में बनाया जाता था। इसकी खासियतें कुछ इस प्रकार हैं:
- सामग्री: इसमें स्वर्ण भस्म, चांदी भस्म, किशमिश, बादाम और अन्य प्रीमियम सूखे मेवे शामिल होते हैं।
- स्वास्थ्य लाभ: यह पेट को ठंडा रखने और शरीर में ऊर्जा बनाए रखने में सहायक मानी जाती है।
- कीमत: बाजार में उपलब्ध न होने के कारण इसकी लागत सामग्री के आधार पर तय होती है, जो लगभग 60 से 70 हजार रुपये प्रति किलो तक आती है।
- रखरखाव: इसे पारंपरिक रूप से केवल चांदी के बर्तनों में ही परोसा और रखा जाता है।
बॉलीवुड सितारों पर चला ‘जादू’
चारू के हाथों का स्वाद बॉलीवुड के दिग्गज सितारों को भी अपना मुरीद बना चुका है। करिश्मा कपूर उनके द्वारा तैयार काले अंगूर और बादाम के मोदक खाकर भावुक हो गई थीं और उन्होंने इसे अपनी पुरानी यादों से जोड़ा। वहीं, अभिनेता चंकी पांडे ने उनके हुनर की तारीफ करते हुए अपनी बेटी अनन्या पांडे की शादी में खाना बनाने का ऑफर तक दे दिया है।
राजघराने का समर्थन और भविष्य
चारू अपनी सफलता का श्रेय राजस्थान की उपमुख्यमंत्री और जयपुर राजघराने की सदस्य दीया कुमारी को देती हैं। दीया कुमारी ने ही उन्हें सिटी पैलेस में शेफ के रूप में काम करने का पहला अवसर दिया था। आज चारू न केवल शाही और पारंपरिक राजस्थानी व्यंजनों को आधुनिक रूप दे रही हैं, बल्कि शिलाजीत और अश्वगंधा जैसे आयुर्वेदिक तत्वों का उपयोग कर खास लड्डू भी बना रही हैं। बीकानेर की रसोई से निकली यह प्रतिभा आज देश के कई वीवीआईपी मेहमानों के लिए शाही स्वाद तैयार कर रही है।
