अजमेर: मदार में पानी की टंकी का वॉल्व टूटा, लाखों लीटर पानी सड़कों पर बहा
अजमेर के मदार इलाके में बुधवार को एक बड़ी लापरवाही सामने आई, जहां 9 लाख लीटर क्षमता वाली पेयजल टंकी का वॉल्व अचानक टूट गया। इस घटना के कारण टंकी में जमा लाखों लीटर पानी महज आधे घंटे के भीतर सड़कों पर बहकर बर्बाद हो गया। इस गंभीर तकनीकी खराबी के चलते क्षेत्र की 10 से अधिक कॉलोनियों में होने वाली जलापूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन पानी के तेज बहाव के कारण आसपास के कई घरों में जलभराव की समस्या पैदा हो गई।
तीन दिन के इंतजार पर फिरा पानी, लोग हुए परेशान
स्थानीय निवासियों के लिए यह घटना किसी बड़े संकट से कम नहीं है, क्योंकि इलाके में पानी रोटेशन के आधार पर तीन दिन के अंतराल पर मिलता है। बुधवार सुबह 7 बजे निर्धारित जलापूर्ति तकनीकी खराबी के कारण पहले ही रोक दी गई थी, जिसे विभाग द्वारा 11 बजे बहाल करने की योजना थी। इसी दौरान वॉल्व के अचानक टूटने से पूरा पानी सड़कों पर व्यर्थ बह गया। जिन परिवारों को आज पानी मिलने की उम्मीद थी, उनके नलों तक पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंच सकी।
वॉल्व की पुरानी समस्या और विभाग की लापरवाही
स्थानीय निवर्तमान पार्षद सुनील धानका ने जलदाय विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि इस वॉल्व में पहले भी तकनीकी समस्याएं आ चुकी थीं, जिसके कारण बीते दिनों भी जलापूर्ति प्रभावित हुई थी। बार-बार शिकायत के बावजूद विभाग ने समय रहते ठोस मरम्मत नहीं की, जिसका खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
- क्षमता: टंकी में करीब 9 लाख लीटर पानी जमा था।
- प्रभावित क्षेत्र: मदार की 10 से ज्यादा कॉलोनियां जलापूर्ति से वंचित।
- नुकसान: सड़कों पर पानी बहने से आसपास के घरों में जलभराव।
- मौजूदा स्थिति: विभाग द्वारा मरम्मत कार्य जारी।
गुरुवार को बहाल हो सकती है जलापूर्ति
जलदाय विभाग की एक्सईएन निशा मीना ने बताया कि सूचना मिलते ही विभागीय टीम मौके पर पहुंच गई थी और क्षतिग्रस्त वॉल्व को बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को आश्वस्त किया है कि युद्ध स्तर पर मरम्मत कार्य पूरा कर गुरुवार को पानी की सप्लाई सामान्य कर दी जाएगी। फिलहाल, विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
