दौसा में संविदा नर्सिंग कर्मियों का 35वें दिन भी आक्रोश जारी, क्रमिक अनशन से तेज हुआ आंदोलन
राजस्थान के दौसा में संविदा नर्सिंग कर्मियों का आंदोलन शनिवार को 35वें दिन में प्रवेश कर गया है। संयुक्त नर्सेज संघर्ष समिति के बैनर तले नर्सिंग कर्मी अपनी मांगों को लेकर लगातार डटे हुए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कोरोना काल जैसी विपरीत परिस्थितियों में अपनी जान जोखिम में डालकर सेवा देने वाले कर्मी आज खुद अपने भविष्य को लेकर सड़क पर उतरने को मजबूर हैं। प्रदर्शन को और अधिक धार देने के लिए अब समिति ने क्रमिक अनशन का रास्ता अपना लिया है।
राज्यपाल और भाजपा नेताओं को सौंपा गया ज्ञापन
आंदोलन के दौरान समिति के प्रतिनिधिमंडल ने दौसा दौरे पर आए राज्यपाल, कृषि मंत्री और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष से मुलाकात की। इस दौरान उन्हें एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर प्रमुख मांगें रखी गईं। समिति की मुख्य मांगों का विवरण नीचे दिया गया है:
- संविदा नर्सिंग कर्मियों की नौकरी को तुरंत बहाल किया जाए।
- स्वर्गीय दीपक को न्याय दिलाने के लिए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई हो।
- लंबित चल रही अन्य सभी मांगों का समयबद्ध तरीके से समाधान किया जाए।
आंदोलन की मुख्य बातें
| विवरण | प्रमुख जानकारी |
|---|---|
| आंदोलन की अवधि | 35 दिन |
| वर्तमान स्थिति | क्रमिक अनशन की शुरुआत |
| प्रमुख मांगें | रोजगार बहाली और दिवंगत दीपक को न्याय |
इस अवसर पर प्रदेशाध्यक्ष राकेश सैनी, प्रदेश संयोजक अरबाज खान, जिलाध्यक्ष विजय मीणा, जगमोहन मीणा, दीपांशु तिवारी, ओमप्रकाश मीणा और कपिल सैनी सहित बड़ी संख्या में नर्सिंग कर्मी मौजूद रहे। पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख नहीं अपनाती, यह संघर्ष इसी तरह जारी रहेगा।
विद्युत श्रमिक महासंघ की भाजपा प्रदेशाध्यक्ष से मुलाकात
इसी बीच, भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) से संबद्ध राजस्थान विद्युत श्रमिक महासंघ का एक प्रतिनिधिमंडल भी भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ से मिला। प्रदेश मंत्री हेमंत त्रिवेदी के नेतृत्व में पहुंचे इस प्रतिनिधिमंडल ने बिजली विभाग और अन्य निगमों में चल रही तबादला प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने जोर दिया कि स्थानांतरण के दौरान योग्य कर्मचारियों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव न हो और निष्पक्षता सुनिश्चित की जाए। इस बैठक में अनूप कुमार शर्मा, राजेंद्र बैरवा, महेश कुमार शर्मा, ओमप्रकाश गुर्जर, कैलाश चौधरी, महेश अवाना और कमलेश कुमार मीना सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे।
