छत्तीसगढ़ का ठेनही बना देश का पहला ‘सोलर विलेज’, अब ग्रामीणों को मिलेगी मुफ्त बिजली
छत्तीसगढ़ ने अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। धमतरी जिले के नगरी विकासखंड स्थित ठेनही गांव ने ‘पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना’ के अंतर्गत एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह गांव देश का पहला ऐसा गांव बन गया है, जहां सामूहिक सोलर प्लांट के जरिए पूरे गांव को बिजली आपूर्ति की जाएगी। इस अनूठी पहल से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि ग्रामीणों को बिजली बिल के बोझ से भी हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।
142 किलोवॉट क्षमता का सामूहिक सोलर प्लांट
इस परियोजना की सफलता का मुख्य आधार गांव में स्थापित किया गया विशाल सोलर प्लांट है। इस योजना के तहत गांव के 71 परिवारों को शामिल किया गया है। हर परिवार के लिए 2-2 किलोवॉट की क्षमता निर्धारित की गई है, जिसके आधार पर कुल 142 किलोवॉट का एक सामूहिक सोलर प्लांट तैयार किया गया है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| स्थान | ठेनही गांव, नगरी, धमतरी (छत्तीसगढ़) |
| कुल लाभार्थी परिवार | 71 |
| कुल प्लांट क्षमता | 142 किलोवॉट |
| प्रति परिवार क्षमता | 2 किलोवॉट |
ग्रामीणों को मिली बिजली बिल से राहत
उप सरपंच रूपेश्वर नाग ने जानकारी दी कि इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए किसी भी ग्रामीण से कोई शुल्क नहीं लिया गया है। प्लांट के लिए गांव से 50 से 75 मीटर की दूरी पर जमीन का आवंटन किया गया है। जल्द ही घरों में कनेक्शन जोड़ने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। ग्रामीण छात्र सिंह यादव ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अब उन्हें हर महीने आने वाले बिजली बिल की चिंता सताएगी नहीं। यह योजना न केवल आर्थिक बचत का जरिया है, बल्कि भविष्य की पीढ़ी के लिए भी एक सुरक्षित कदम है।
अन्य गांवों के लिए बनेगा ‘रोल मॉडल’
जिला प्रशासन का मानना है कि ठेनही गांव का यह सोलर मॉडल ग्रामीण भारत में स्वच्छ ऊर्जा और आत्मनिर्भरता की एक नई इबारत लिख रहा है। प्रशासन की भविष्य की योजनाओं के बारे में बताते हुए अधिकारियों ने कहा:
- आने वाले समय में नगरी विकासखंड के अन्य गांवों में भी इस मॉडल को लागू किया जाएगा।
- जिले को ‘ग्रीन एनर्जी’ हब के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
- सोलर ऊर्जा के उपयोग से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
ठेनही गांव की यह सफलता साबित करती है कि यदि सरकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन हो, तो ग्रामीण क्षेत्रों में भी ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ी क्रांति लाई जा सकती है।
