भोपाल एम्स में मरीजों के परिजनों से बदसलूकी, मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग पर लगे गंभीर आरोप
राजधानी भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग में मरीज के परिजन के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। इस घटना ने संस्थान की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीज के परिजनों ने अस्पताल के आला अधिकारियों से इसकी लिखित शिकायत की है।
पीड़ित परिजन विशाल पांडे ने एम्स की कार्यकारी निदेशक को दी गई शिकायत में विभाग की प्रो. डॉ. आकांक्षा चौधरी, ऑपरेटर निधि और अटेंडर अशोक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में कहा गया है कि इन लोगों ने न केवल उनके साथ दुर्व्यवहार किया, बल्कि उन्हें अपमानित करते हुए इलाज की प्रक्रिया में भी बाधा उत्पन्न की।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता विशाल पांडे अपनी मां का उपचार कराने के लिए मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि वहां तैनात अटेंडर अशोक ने शुरुआत से ही उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। जब विशाल ने इस व्यवहार का विरोध किया, तो वहां मौजूद ऑपरेटर निधि और डॉ. आकांक्षा चौधरी ने अटेंडर का पक्ष लेते हुए उल्टा उन्हें ही माफी मांगने के लिए मजबूर किया।
- अटेंडर अशोक: अभद्र भाषा और दुर्व्यवहार का आरोप।
- ऑपरेटर निधि: इलाज का पर्चा फेंकने और एंट्री न करने का आरोप।
- डॉ. आकांक्षा चौधरी: डॉक्टर की मौजूदगी में अपमानित करने और स्टाफ का समर्थन करने का आरोप।
विशाल पांडे ने आरोप लगाया कि डॉक्टर की मौजूदगी में ही ऑपरेटर ने इलाज का पर्चा फेंकते हुए कहा कि वह इसकी एंट्री नहीं करेंगी। इस पूरे घटनाक्रम से आहत परिजन ने एम्स जैसे राष्ट्रीय संस्थान में मरीजों के साथ हो रहे इस व्यवहार को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया है।
एम्स प्रबंधन ने दिए जांच के आदेश
इस मामले पर एम्स भोपाल प्रबंधन ने आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उन्हें 17 जुलाई को लिखित शिकायत प्राप्त हुई है। प्रबंधन के अनुसार, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
| विषय | विवरण |
|---|---|
| शिकायतकर्ता | विशाल पांडे (मरीज के पुत्र) |
| संबंधित विभाग | मेडिकल ऑन्कोलॉजी, एम्स भोपाल |
| आरोप | अभद्रता, अपमान और इलाज में बाधा |
| प्रबंधन का रुख | जांच के बाद दोषी पर होगी सख्त कार्रवाई |
प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच रिपोर्ट में किसी भी डॉक्टर या कर्मचारी की भूमिका दोषपूर्ण पाई जाती है, तो उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, इस घटना के बाद से अस्पताल परिसर में मरीजों के साथ व्यवहार को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
