Congress: स्कूल भवन के दोबारा उद्घाटन पर नेता ने उठाए सवाल

मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के मानपुर विकासखंड स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नौगवां का नया भवन इन दिनों विवादों के केंद्र में है। हाल ही में हुए इस भवन के लोकार्पण को लेकर स्थानीय राजनीति गरमा गई है। 17 जुलाई को क्षेत्रीय विधायक मीना सिंह ने इस भवन का विधिवत उद्घाटन किया, लेकिन इस…

उमरिया में स्कूल लोकार्पण पर सियासी घमासान: तैयार भवन का दोबारा उद्घाटन बना चर्चा का विषय

मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के मानपुर विकासखंड स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नौगवां का नया भवन इन दिनों विवादों के केंद्र में है। हाल ही में हुए इस भवन के लोकार्पण को लेकर स्थानीय राजनीति गरमा गई है। 17 जुलाई को क्षेत्रीय विधायक मीना सिंह ने इस भवन का विधिवत उद्घाटन किया, लेकिन इस कार्यक्रम के तुरंत बाद कांग्रेस ने इसे एक बड़ा चुनावी स्टंट और सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग करार दिया है।

कांग्रेस का आरोप है कि जिस भवन का लोकार्पण विधायक द्वारा किया गया, वह पहले ही पिछले साल बनकर तैयार हो चुका था। इतना ही नहीं, इस भवन में पिछले कई महीनों से छात्रों की कक्षाएं भी संचालित हो रही हैं। कार्यक्रम में विधायक मीना सिंह मुख्य अतिथि थीं, जबकि अनुजा पटेल ने अध्यक्षता की। विशिष्ट अतिथि के तौर पर ममता सिंह और मुकेश पटेल भी मंच पर मौजूद रहे।

कांग्रेस ने उठाए सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग

इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कांग्रेस नेत्री रोशनी सिंह ने प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी भवनों का निर्माण आम जनता के टैक्स के पैसों से होता है, इसलिए इसकी प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए। रोशनी सिंह के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • जनता के पैसे से बनी इमारतों का लोकार्पण नियमों के तहत होना चाहिए।
  • जो भवन पहले से उपयोग में है, उसका दोबारा उद्घाटन करने का औचित्य क्या है?
  • प्रशासन को इस मामले में सार्वजनिक दस्तावेज पेश कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
  • पूरे प्रकरण की तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

प्राचार्य की पुष्टि और कलेक्टर का आश्वासन

विवाद के बीच विद्यालय के प्राचार्य रविन्द्र पटेल ने कांग्रेस के आरोपों की पुष्टि कर दी है। उन्होंने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि विद्यालय का नया भवन पिछले वर्ष ही पूर्ण हो चुका था और तभी से छात्र-छात्राओं की पढ़ाई नियमित रूप से उसी भवन में हो रही है। प्राचार्य के इस बयान ने प्रशासन के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

पक्ष बयान/रुख
कांग्रेस इसे जनता के पैसे की बर्बादी और ढकोसला बताया।
प्राचार्य माना कि भवन पिछले साल से ही इस्तेमाल में है।
कलेक्टर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का दिया आश्वासन।

वहीं, जब इस मामले पर उमरिया कलेक्टर राखी सहाय से सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं था। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रमों की पूर्व सूचना देने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आम जनता को आश्वस्त किया है कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी कि आखिर पहले से संचालित भवन का दोबारा लोकार्पण क्यों कराया गया और इसमें किसकी चूक रही।


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