शिवपुरी में बिजली के खंभे से करंट लगने से मजदूर की दर्दनाक मौत, विभाग पर लापरवाही के गंभीर आरोप
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां बिजली के खंभे में उतरे करंट की चपेट में आने से एक 35 वर्षीय मजदूर की जान चली गई। घटना फिजिकल थाना क्षेत्र के झिंगुरा बस्ती इलाके की है। मृतक की पहचान दिनेश कुशवाह के रूप में हुई है, जो पेशे से एक पुट्टी मिस्त्री था। काम से लौटते समय हुए इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने उसे तुरंत मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है और स्थानीय निवासियों में बिजली विभाग के प्रति भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
हादसे का विवरण: कैसे हुई यह दुखद घटना?
मंगलवार देर शाम जब दिनेश कुशवाह अपने काम से घर वापस लौट रहे थे, तभी आईपीएस स्कूल के पास स्थित एक बिजली के खंभे के संपर्क में आ गए। खंभे में भीषण करंट दौड़ रहा था, जिसके कारण दिनेश को जोरदार झटका लगा और वह मौके पर ही अचेत होकर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने बड़ी मशक्कत और सावधानी के साथ डंडे की मदद से उन्हें खंभे से अलग किया। आनन-फानन में उन्हें उपचार के लिए शिवपुरी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
मृतक के भाई मुकेश कुशवाह ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिजनों का आरोप है कि यह खंभा लंबे समय से खतरनाक स्थिति में था और इसमें पहले भी कई बार करंट उतर चुका है।
- बार-बार शिकायत के बावजूद अनदेखी: परिजनों का दावा है कि इस समस्या को लेकर विभाग में कई बार शिकायतें दर्ज कराई गई थीं, लेकिन अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
- पहले भी हो चुके हैं हादसे: स्थानीय लोगों के अनुसार, इस खंभे की चपेट में पहले भी कई लोग आ चुके हैं, जिनमें मृतक की पत्नी भी शामिल है।
- परिवार के सामने संकट: दिनेश की असामयिक मृत्यु से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वह अपने पीछे एक पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं।
पुलिस जांच और परिजनों की मांग
फिजिकल थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मर्ग कायम कर लिया है और शव का पोस्टमार्टम बुधवार को कराया गया है। पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है ताकि स्पष्ट हो सके कि इस लापरवाही के लिए कौन जिम्मेदार है। वहीं, शोकाकुल परिजनों और स्थानीय निवासियों ने बिजली विभाग के दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इसके साथ ही, परिवार के भरण-पोषण के लिए प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग भी जोर पकड़ रही है। प्रशासन ने इस मामले में जांच के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
