Rain: बड़वानी में 8 इंच बारिश, पिछले साल से कम लेकिन फसलों को मिलेगी राहत


बड़वानी जिले में मंगलवार का दिन मिश्रित अहसास लेकर आया। सुबह से ही आसमान में छाए बादलों के बीच दोपहर में हुई हल्की बारिश ने मौसम को खुशनुमा बना दिया, जिससे भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को काफी हद तक राहत मिली। हालांकि, बारिश के बाद बढ़ी उमस और जिले के कई हिस्सों में…

बड़वानी में रिमझिम फुहारों से बदला मौसम, लेकिन उमस और बिजली कटौती ने बढ़ाई मुश्किलें

बड़वानी जिले में मंगलवार का दिन मिश्रित अहसास लेकर आया। सुबह से ही आसमान में छाए बादलों के बीच दोपहर में हुई हल्की बारिश ने मौसम को खुशनुमा बना दिया, जिससे भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को काफी हद तक राहत मिली। हालांकि, बारिश के बाद बढ़ी उमस और जिले के कई हिस्सों में हुई बिजली कटौती ने आम जनजीवन को खासा प्रभावित किया। सड़कों पर जमी धूल तो साफ हो गई, लेकिन बिजली न होने के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा।

बीते 24 घंटों में मामूली बारिश, किसानों को अच्छी बरसात का इंतजार

भू-संसाधन प्रबंधन विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार सुबह 8 बजे तक जिले में कहीं भी भारी बारिश दर्ज नहीं की गई है। बीते 24 घंटों के दौरान जिले में मात्र 2.18 मिलीमीटर यानी करीब 0.09 इंच औसत वर्षा रिकॉर्ड की गई है। फिलहाल किसान अच्छी बारिश की उम्मीद में हैं, ताकि खरीफ की फसलों को आवश्यक नमी मिल सके और कृषि कार्यों में तेजी आ सके।

पिछले साल के मुकाबले मानसून की चाल सुस्त

जिले में 1 जून से 20 जुलाई तक की स्थिति पर गौर करें तो अब तक कुल 201.9 मिलीमीटर (लगभग 8 इंच) औसत बारिश दर्ज हुई है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की इसी अवधि में हुई 238 मिलीमीटर (9.4 इंच) बारिश की तुलना में 1.4 इंच कम है। मानसून की इस सुस्त रफ्तार ने चिंताएं बढ़ा दी हैं।

तहसीलवार बारिश का ब्यौरा: सेंधवा सबसे आगे, पानसेमल फिसड्डी

जिले की विभिन्न तहसीलों में बारिश का वितरण असमान रहा है। आंकड़ों के अनुसार स्थिति कुछ इस प्रकार है:

  • सेंधवा: 13.07 इंच (सबसे अधिक)
  • चाचरिया पाटी: 11.89 इंच
  • राजपुर: 11.65 इंच
  • वरला: 10.22 इंच
  • पाटी: 7.63 इंच
  • अंजड़: 6.50 इंच
  • बड़वानी: 6.46 इंच
  • निवाली: 6.02 इंच
  • पानसेमल: 1.29 इंच (सबसे कम)

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में जिले में बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना जताई है। स्थानीय किसानों को उम्मीद है कि अब जल्द ही नियमित बारिश का दौर शुरू होगा, जिससे खरीफ फसलों की स्थिति में बेहतर सुधार देखने को मिलेगा।


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