चंगेरा कृषि उपज मंडी में नई तुलाई व्यवस्था के खिलाफ हम्मालों का जोरदार प्रदर्शन
मंगलवार को चंगेरा कृषि उपज मंडी का माहौल उस समय गरमा गया, जब हम्मालों ने नई तुलाई व्यवस्था के विरोध में मोर्चा खोल दिया। अपनी मांगों को लेकर हम्मालों ने अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप मंडी में सोयाबीन, राईड़ा और मक्का की नीलामी व तुलाई का कार्य पूरी तरह से ठप हो गया। इस अचानक आए गतिरोध के चलते मंडी परिसर में किसानों की ट्रॉलियों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
क्या है नई तुलाई व्यवस्था और क्यों हो रहा विवाद?
मंडी बोर्ड द्वारा आगामी 1 अगस्त से एक नई तुलाई प्रणाली लागू करने की तैयारी की जा रही है। इस व्यवस्था के तहत उपज को मंडी में ढेर (ढेरी) लगाने के बजाय सीधे ट्रॉली से ही तौलकर नीलामी की जाएगी। मंडी बोर्ड का तर्क है कि यह व्यवस्था किसानों और व्यापारियों के लिए अधिक सुविधाजनक और पारदर्शी होगी। हालांकि, प्रदर्शनकारी हम्मालों का कहना है कि इस बदलाव को लागू करने से पहले उनसे कोई चर्चा नहीं की गई। उनका साफ आरोप है कि नई व्यवस्था से उनके रोजगार पर सीधा संकट खड़ा हो जाएगा और उनकी आजीविका प्रभावित होगी।
किसानों की परेशानी और प्रशासन की सक्रियता
- नीलामी ठप: काम बंद होने से किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ा, जिससे उन्हें समय और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा।
- राजनीतिक समर्थन: हम्मालों के इस आंदोलन को कांग्रेस जिलाध्यक्ष तरुण बाहेती ने भी अपना समर्थन दिया।
- प्रशासनिक हस्तक्षेप: गतिरोध की सूचना मिलते ही निरीक्षक समीर दास के नेतृत्व में मंडी प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची।
मंडी सचिव के अनुसार, नई तुलाई व्यवस्था मंडी बोर्ड के निर्देशानुसार लागू की जा रही है। हालांकि, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने प्रदर्शनकारी हम्मालों के साथ लंबी चर्चा की और उन्हें उचित समाधान का आश्वासन दिया। प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश के बाद अंततः हम्मालों ने अपना आंदोलन शांत किया, जिसके बाद मंडी में नीलामी और तुलाई की प्रक्रिया बहाल हो सकी। नीलामी दोबारा शुरू होने से किसानों ने भी राहत की सांस ली है।
