Indore: टंट्या भील चौराहे पर छात्रों का प्रदर्शन, गूंज रहे नारे


इंदौर के टंट्याभील चौराहे पर नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। 30 जून से शुरू हुआ यह अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन अब एक बड़े आंदोलन में तब्दील हो चुका है, जहां छात्र लगातार केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। मंगलवार…

इंदौर में नीट पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का महा-आंदोलन, टंट्याभील चौराहे पर डटे प्रदर्शनकारी

इंदौर के टंट्याभील चौराहे पर नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। 30 जून से शुरू हुआ यह अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन अब एक बड़े आंदोलन में तब्दील हो चुका है, जहां छात्र लगातार केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। मंगलवार को इस प्रदर्शन का 22वां दिन है और चौराहे पर छात्रों की बढ़ती भीड़ ने प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं। भारी बारिश के बावजूद छात्र अपने हक के लिए डटे हुए हैं और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।

आंदोलन का मुख्य उद्देश्य और छात्रों की मांगें

प्रदर्शन में शामिल छात्रों का कहना है कि यह लड़ाई केवल एक परीक्षा की नहीं, बल्कि देश के लोकतंत्र की रक्षा और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की है। छात्रों की प्रमुख मांगों में निम्नलिखित शामिल हैं:

  • नीट पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करना।
  • शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल प्रभाव से इस्तीफा
  • परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और व्यापक सुधार की मांग।

आंदोलन के दौरान प्रहलाद पाण्डेय, जो पिछले कई दिनों से अनशन पर हैं, ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक यह प्रदर्शन जारी रहेगा। वहीं, अखिलेश राणा, रोहित वास्कले, दुर्गा माणसाने और राधिका जैसे युवा नेताओं ने राष्ट्रभक्ति गीतों के माध्यम से छात्रों का मनोबल बनाए रखा है।

प्रदर्शन का बढ़ता दायरा और प्रशासन की प्रतिक्रिया

जैसे-जैसे दिन बीत रहे हैं, टंट्याभील चौराहे पर प्रदर्शनकारियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। आम नागरिक भी छात्रों के इस शांतिपूर्ण लेकिन उग्र प्रदर्शन के प्रति सहानुभूति जताते हुए रुक रहे हैं। इससे पहले, छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर ऑफिस तक एक विशाल पैदल मार्च निकाला था, जहां करीब 4 घंटे तक प्रदर्शन करने के बाद प्रशासन ने उनकी कुछ शुरुआती मांगों पर सहमति जताई थी।

हालांकि, मुख्य मांगें अभी भी अधूरी हैं, जिसके चलते छात्रों ने टंट्याभील चौराहे पर ही अपना डेरा जमा लिया है। यह आंदोलन अब युवाओं के बीच एक बड़ा मुद्दा बन गया है, जो न केवल इंदौर बल्कि आसपास के क्षेत्रों से भी छात्रों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। प्रशासन अब स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है, क्योंकि छात्रों का कहना है कि वे किसी भी कीमत पर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।


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