Overbridge का अधूरा काम: धार में कीचड़ और गड्ढों से होकर गुजरने को मजबूर लोग

धार जिले में इंदौर-अहमदाबाद फोरलेन पर नागदा-गुजरी मार्ग स्थित रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पिछले एक साल से अधिक समय से अधर में लटका हुआ है। इस प्रोजेक्ट के कछुआ चाल से चलने के कारण मुख्य मार्ग पूरी तरह से बंद है, जिससे आम जनता की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर…

धार: अधूरा रेलवे ओवरब्रिज बना मुसीबत, वैकल्पिक मार्ग की बदहाली से जूझ रहे हजारों लोग

धार जिले में इंदौर-अहमदाबाद फोरलेन पर नागदा-गुजरी मार्ग स्थित रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पिछले एक साल से अधिक समय से अधर में लटका हुआ है। इस प्रोजेक्ट के कछुआ चाल से चलने के कारण मुख्य मार्ग पूरी तरह से बंद है, जिससे आम जनता की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर सुनारखेड़ी फाटे से जो रास्ता बनाया गया था, वह अब पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। निर्माण के कुछ समय बाद ही यह सड़क उखड़ने लगी थी, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने इसकी सुध लेना जरूरी नहीं समझा। नतीजतन, आज यह मार्ग बड़े हादसों को न्योता दे रहा है।

खतरनाक रास्तों पर रोजाना जान जोखिम में डाल रहे ग्रामीण

इस बदहाल वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल प्रतिदिन 20 से 30 गांवों के हजारों लोग अपनी मजबूरी में कर रहे हैं। मानसून के दौरान हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जब सड़क के बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भर जाता है। कीचड़ और फिसलन के कारण दोपहिया वाहन चालकों का संतुलन बिगड़ना आम बात हो गई है। वहीं, पिछले एक सप्ताह से बारिश थमने के बाद अब धूल और गिट्टी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। चार पहिया वाहनों के गुजरने से उड़ने वाले पत्थर राहगीरों को चोटिल कर रहे हैं, जिससे आए दिन विवाद और दुर्घटनाएं हो रही हैं।

प्रभावित लोगों की स्थिति पर एक नजर

  • स्कूली छात्र: हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने को मजबूर।
  • किसान और व्यापारी: कृषि उपज और सामान ले जाने में भारी दिक्कतों का सामना।
  • मजदूर और नौकरीपेशा: समय पर गंतव्य तक पहुंचने के लिए जद्दोजहद।

प्रशासनिक उदासीनता और हादसों का ग्राफ

स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने जनसुनवाई से लेकर संबंधित विभागों तक कई बार शिकायतें दर्ज कराई हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल कोरे आश्वासन ही मिले हैं। स्थानीय निवासी विकास शर्मा ने बताया कि वे प्रतिदिन इसी रास्ते से अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने जाते हैं और हर सफर डर के साये में बीतता है। आंकड़ों की बात करें तो इस मार्ग पर अब तक 40 से अधिक छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं।

समस्या का प्रकार प्रभावित वर्ग
गहरे गड्ढे और कीचड़ दोपहिया वाहन चालक
उड़ती धूल और गिट्टी पैदल यात्री और राहगीर
अधूरा ओवरब्रिज समस्त ग्रामीण क्षेत्र

क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और संबंधित निर्माण एजेंसी से कड़े शब्दों में मांग की है कि जब तक रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो जाता, तब तक वैकल्पिक मार्ग की तत्काल मरम्मत कराई जाए। यदि जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में कोई बड़ी अनहोनी होने से इनकार नहीं किया जा सकता है।


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