Ethanol: गडकरी के समर्थन में किसान संघ, अफवाह फैलाने वालों को दी चेतावनी

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा एथेनॉल के उपयोग को बढ़ावा देने के प्रयासों को अब भारतीय किसान संघ (BKS) का मजबूत साथ मिल गया है। भोपाल में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष के. साईं रेड्डी ने एथेनॉल के खिलाफ फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं पर तीखी…

नितिन गडकरी के समर्थन में उतरा भारतीय किसान संघ, एथेनॉल विरोधियों पर बरसे के. साईं रेड्डी

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा एथेनॉल के उपयोग को बढ़ावा देने के प्रयासों को अब भारतीय किसान संघ (BKS) का मजबूत साथ मिल गया है। भोपाल में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष के. साईं रेड्डी ने एथेनॉल के खिलाफ फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि जो लोग एथेनॉल उत्पादन में पानी की बर्बादी का झूठा प्रचार कर रहे हैं, वे देश और किसान दोनों के दुश्मन हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी अफवाहें फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

पानी की बर्बादी का दावा पूरी तरह आधारहीन

के. साईं रेड्डी ने स्पष्ट किया कि एथेनॉल निर्माण में अत्यधिक पानी खर्च होने की बात केवल एक अफवाह है। उन्होंने बताया कि फैक्ट्रियों में तकनीक का उपयोग करके पानी को री-साइकिल किया जाता है, जिससे बर्बादी की गुंजाइश ही नहीं बचती। उनके अनुसार, एथेनॉल का विरोध करने वाले लोग वास्तविकता से अनजान हैं और जानबूझकर किसानों की प्रगति को बाधित करना चाहते हैं।

एथेनॉल से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती

भारतीय किसान संघ का मानना है कि एथेनॉल का उत्पादन न केवल किसानों की आय में वृद्धि करेगा, बल्कि देश को भी आत्मनिर्भर बनाएगा। इसके प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:

  • किसानों को बेहतर दाम: गन्ना, मक्का और चावल जैसी फसलों की मांग बढ़ने से किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिलेगा।
  • विदेशी मुद्रा की बचत: पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण से कच्चे तेल के आयात पर होने वाले खर्च में भारी कटौती होगी।
  • पर्यावरण संरक्षण: एथेनॉल युक्त ईंधन के उपयोग से प्रदूषण के स्तर में कमी आएगी।
  • भविष्य की तैयारी: सरकार से 100 प्रतिशत एथेनॉल आधारित वाहनों को प्रोत्साहित करने की मांग की गई है।

वाहनों में तकनीकी खराबी का सच

एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से वाहनों में खराबी आने के दावों को रेड्डी ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि देश में पिछले पांच वर्षों से इसका उपयोग हो रहा है। यदि किसी वाहन में समस्या आती है, तो यह वाहन निर्माता कंपनियों की जिम्मेदारी है कि वे तकनीक में सुधार करें, न कि इसके लिए एथेनॉल को जिम्मेदार ठहराया जाए।

प्रमुख मांगों पर एक नजर

मुद्दा मांग/सुझाव
पेट्रोल-डीजल जीएसटी के दायरे में लाने की मांग ताकि कीमतें एक समान हों।
फसल बीमा राज्य सरकारें अपना हिस्सा जारी कर किसानों को तुरंत मुआवजा दें।
कैलारस शुगर मिल निजीकरण के बजाय किसानों की सहकारी समिति को सौंपने का आग्रह।
एमएसपी बिना किसी बाधा के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद सुनिश्चित हो।

प्राकृतिक खेती और किसानों का भविष्य

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान के. साईं रेड्डी ने किसानों से रासायनिक खेती छोड़कर प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि रासायनिक खादों और कीटनाशकों के अत्यधिक इस्तेमाल से खेती की लागत बढ़ रही है, जिससे किसान कर्ज के जाल में फंसकर आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं। प्राकृतिक खेती अपनाकर न केवल लागत कम होगी, बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आएगा। अंत में उन्होंने दोहराया कि भारतीय किसान संघ किसानों के हितों के लिए केंद्र और राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।


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