Crop Insurance: धान, मक्का और सोयाबीन के बीमा क्लेम में हुई बढ़ोतरी

देश के किसानों के लिए एक राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ फसलों की बीमित राशि में बढ़ोतरी की है, जिससे अब किसानों को फसल नुकसान होने पर पहले की तुलना में अधिक मुआवजा मिल सकेगा। सरकार द्वारा जारी नई अधिसूचना के अनुसार, धान, मक्का और सोयाबीन…

खरीफ फसलों के बीमा में बड़ा बदलाव: किसानों को अब मिलेगा पहले से ज्यादा क्लेम

देश के किसानों के लिए एक राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ फसलों की बीमित राशि में बढ़ोतरी की है, जिससे अब किसानों को फसल नुकसान होने पर पहले की तुलना में अधिक मुआवजा मिल सकेगा। सरकार द्वारा जारी नई अधिसूचना के अनुसार, धान, मक्का और सोयाबीन जैसी प्रमुख फसलों के लिए बीमित राशि को बढ़ाया गया है।

इस बदलाव के बाद धान की फसल पर 10%, मक्का पर 7% और सोयाबीन पर 5% तक क्लेम राशि में वृद्धि होने की संभावना है। हालांकि, बीमित राशि बढ़ने के साथ ही प्रीमियम की दरों में भी मामूली इजाफा देखने को मिल सकता है।

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फसलों की बीमित राशि में प्रति हेक्टेयर बढ़ोतरी

सरकार ने अलग-अलग फसलों के लिए बीमित राशि में इजाफा किया है। नीचे दी गई तालिका में प्रति हेक्टेयर होने वाली बढ़ोतरी को समझा जा सकता है:

फसल का नामबीमित राशि में वृद्धि (प्रति हेक्टेयर)
धान4100 रुपये
मक्का2350 रुपये
सोयाबीन3910 रुपये

बीमा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी और नियम

  • अंतिम तिथि: खरीफ फसलों के लिए बीमा कराने की आखिरी तारीख 31 जुलाई निर्धारित की गई है।
  • कर्जदार किसान: जिन किसानों ने बैंक से ऋण लिया है, उनके लिए फसल बीमा अनिवार्य है। यदि वे बीमा नहीं कराना चाहते, तो उन्हें बैंक में लिखित सूचना देनी होगी।
  • गैर-कर्जदार किसान: इन किसानों के पास पूरी तरह से विकल्प है कि वे अपनी इच्छा से बीमा लें या न लें।

कैसे काम करेगा क्लेम का गणित? (उदाहरण)

क्लेम की गणना थ्रेशोल्ड उपज (Threshold Yield) के आधार पर की जाती है। उदाहरण के तौर पर, यदि आगरमालवा में मक्का की तय उपज 40 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है और किसान की उपज केवल 30 क्विंटल होती है, तो क्लेम की राशि सीधे तौर पर बीमित राशि से जुड़ी होगी। पिछले साल जहां 34,650 रुपये की बीमित राशि पर 8,663 रुपये का क्लेम मिलता था, वहीं इस साल 37,000 रुपये की बीमित राशि होने पर वही नुकसान होने पर किसान को 9,250 रुपये का क्लेम मिलेगा।

क्षेत्रवार क्लेम में इजाफा

विभिन्न जिलों में भी क्लेम राशि में बढ़ोतरी देखी गई है। सागर में धान (असिंचित) की बीमित राशि में 1,610 रुपये प्रति हेक्टेयर की वृद्धि हुई है, जिससे क्लेम में 322 रुपये तक का फायदा होगा। वहीं, दतिया में सोयाबीन की बीमित राशि में 1,750 रुपये का इजाफा हुआ है, जिससे किसानों को प्रति हेक्टेयर 467 रुपये तक का अतिरिक्त क्लेम मिल सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि किसानों को 31 जुलाई की समय सीमा को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द अपनी फसलों का बीमा कराना चाहिए ताकि प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिल सके।