BTS RM: पिक्सेल प्रोजेक्ट ने RM को रोल मॉडल लिस्ट से हटाया


बीटीएस (BTS) के लीडर किम नामजून, जिन्हें आरएम (RM) के नाम से जाना जाता है, को 'द पिक्सेल प्रोजेक्ट' ने अपनी '16 मेल रोल मॉडल्स' की सूची से बाहर कर दिया है। यह संस्था महिलाओं के खिलाफ हिंसा को रोकने के लिए काम करती है। यह निर्णय आरएम द्वारा हाल ही में अमेरिकी गायक क्रिस…

बीटीएस (BTS) के लीडर किम नामजून, जिन्हें आरएम (RM) के नाम से जाना जाता है, को ‘द पिक्सेल प्रोजेक्ट’ ने अपनी ’16 मेल रोल मॉडल्स’ की सूची से बाहर कर दिया है। यह संस्था महिलाओं के खिलाफ हिंसा को रोकने के लिए काम करती है। यह निर्णय आरएम द्वारा हाल ही में अमेरिकी गायक क्रिस ब्राउन के कॉन्सर्ट में शामिल होने के बाद उपजे विवाद के चलते लिया गया है।

क्यों लिया गया यह कड़ा फैसला?

द पिक्सेल प्रोजेक्ट ने अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि उन्होंने 2024 में आरएम को उनकी कला और महिलाओं के समर्थन में की गई बातों के आधार पर इस सूची में शामिल किया था। हालांकि, क्रिस ब्राउन के कॉन्सर्ट में उनकी उपस्थिति और उसके बाद आरएम की चुप्पी ने संस्था को यह कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।

  • जवाबदेही का अभाव: संस्था ने कहा कि उन्होंने आरएम से इस मामले पर स्पष्टीकरण की उम्मीद की थी, लेकिन एक सप्ताह तक चली उनकी ‘खामोशी’ ने इस स्थिति को और गंभीर बना दिया।
  • भूमिका और जिम्मेदारी: पिक्सेल प्रोजेक्ट का मानना है कि रोल मॉडल का मतलब पूर्णता नहीं है, लेकिन उन्हें अपने उन कार्यों के लिए जवाबदेह होना चाहिए जो दूसरों को आहत करते हैं।
  • पदानुक्रमित प्रभाव: संस्था ने यह भी उल्लेख किया कि क्रिस ब्राउन ने आरएम और जे-होप की उपस्थिति को अपने समर्थन के रूप में देखा और बाद में एक महिला फैन को निशाना भी बनाया, जिसने ब्राउन के खिलाफ आवाज उठाई थी।

कॉन्सर्ट विवाद के पीछे की वजह

आरएम और बीटीएस के एक अन्य सदस्य जे-होप की क्रिस ब्राउन के कॉन्सर्ट में उपस्थिति से प्रशंसक और सोशल मीडिया यूजर्स नाराज हैं। क्रिस ब्राउन का करियर लंबे समय से विवादों में रहा है। साल 2009 में अपनी तत्कालीन गर्लफ्रेंड रिहाना पर हमले के मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद से ही ब्राउन का नाम अक्सर कानूनी और व्यक्तिगत विवादों से जुड़ा रहा है।

संस्था की सख्त टिप्पणी

द पिक्सेल प्रोजेक्ट ने आरएम पर ‘कॉग्निटिव डिसोनेंस’ (संज्ञानात्मक विसंगति) का आरोप लगाते हुए कहा कि अक्सर प्रगतिशील दिखने वाले पुरुष भी उन पितृसत्तात्मक प्रणालियों को नजरअंदाज कर देते हैं जो महिलाओं को नुकसान पहुंचाती हैं। संस्था के अनुसार, कई पुरुष उन अन्य पुरुषों से दूरी बनाने में हिचकिचाते हैं जो महिलाओं के प्रति हिंसा या दुर्व्यवहार का इतिहास रखते हैं, खासकर तब जब वे उनसे अपना करियर या लाभ जोड़कर देखते हैं।

फिलहाल, इस मामले पर बीटीएस के प्रबंधन या आरएम की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।


Exit mobile version