सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का 16वां दिन: जंतर-मंतर पर तिरपाल हटाने को लेकर पुलिस से हुई तीखी बहस
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रसिद्ध शिक्षाविद और पर्यावरणविद सोनम वांगचुक का जंतर-मंतर पर चल रहा अनिश्चितकालीन अनशन सोमवार को 16वें दिन में प्रवेश कर गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले हो रहे इस आंदोलन के दौरान वांगचुक की सेहत लगातार चिंताजनक बनी हुई है। शारीरिक रूप से कमजोर होने के बावजूद उनका संघर्ष जारी है। इस बीच, आंदोलन स्थल पर पुलिस के साथ हुई एक बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
तिरपाल हटाने को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों में तनातनी
आंदोलन स्थल पर उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने सोनम वांगचुक को चिलचिलाती धूप से बचाने के लिए लगाए गए तिरपाल को हटाने का निर्देश दिया। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया और पुलिस के सामने हाथ जोड़कर उन्हें रुकने की गुजारिश की।
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वायरल वीडियो में दीपके भावुक होकर पुलिस अधिकारी से पूछते नजर आ रहे हैं, “क्या उनके मर जाने के बाद ही आपको तसल्ली मिलेगी? आप देख सकते हैं कि उन्हें तेज धूप लग रही है, फिर भी आप बेवजह परेशान क्यों कर रहे हैं?” पुलिस अधिकारी का तर्क था कि वहां धूप नहीं है, जिसके जवाब में दीपके ने कहा कि अगर धूप नहीं होती तो वे तिरपाल क्यों लगाते।
सोनम वांगचुक का स्वास्थ्य और प्रमुख मांगें
लगातार 16 दिनों की भूख हड़ताल का असर सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य पर साफ दिखने लगा है। पार्टी द्वारा जारी स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार, उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
| पैरामीटर | विवरण |
|---|---|
| कुल वजन घटा | 7.8 किलोग्राम |
| रक्तचाप (BP) | 104/66 mmHg |
| अनशन का दिन | 16वां दिन |
आंदोलन की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा।
- परीक्षाओं में धांधली के कारण अपनी जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा।
- शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और पारदर्शिता।
20 जुलाई को संसद मार्च का ऐलान
अपनी मांगों को सरकार तक मजबूती से पहुंचाने के लिए CJP ने 20 जुलाई को संसद मार्च का आह्वान किया है। सोनम वांगचुक ने इस मुद्दे पर देश के नागरिकों से भावनात्मक अपील की है। उन्होंने कहा, “लोग दूसरों में नायक (हीरो) तलाशना बंद करें। आप खुद अपनी जिंदगी के नायक बनें और एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर अपनी भूमिका निभाएं।”
वांगचुक ने आम जनता से आग्रह किया है कि वे 20 जुलाई के संसद मार्च में बड़ी संख्या में शामिल हों और अपने-अपने क्षेत्रों के सांसदों पर दबाव बनाएं ताकि शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त गड़बड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।









