KGMU: राजनाथ सिंह बोले- डिग्री से नहीं, संवेदनशीलता से बनते हैं अच्छे डॉक्टर

लखनऊ: राजधानी के प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के 22वें दीक्षांत समारोह में सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस दौरान उन्होंने नए डॉक्टरों को संबोधित करते हुए कहा कि चिकित्सा का पेशा केवल एक करियर नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने युवा…

केजीएमयू दीक्षांत समारोह: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने युवा डॉक्टरों को दिया सेवा भाव का मंत्र

लखनऊ: राजधानी के प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के 22वें दीक्षांत समारोह में सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस दौरान उन्होंने नए डॉक्टरों को संबोधित करते हुए कहा कि चिकित्सा का पेशा केवल एक करियर नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने युवा चिकित्सकों को सलाह दी कि वे अपनी डिग्री के साथ-साथ करुणा और संवेदनशीलता को भी अपने आचरण में शामिल करें।

मरीज का भरोसा ही डॉक्टर की असली पहचान

रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि अस्पताल की चौखट पर आने वाला हर मरीज उम्मीद और भरोसे के साथ आता है। उन्होंने कहा, “एक डॉक्टर की असली पहचान उसकी डिग्री या पद से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार और मरीज के प्रति उसकी सहानुभूति से तय होती है।” राजनाथ सिंह के अनुसार, यदि डॉक्टर का व्यवहार मृदु हो और वह मरीज को मानसिक संबल प्रदान करे, तो आधी बीमारी तो वहीं खत्म हो जाती है। इलाज के दौरान डॉक्टर की मुस्कान और आत्मीयता उपचार को और अधिक प्रभावी बनाती है।

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स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत की वैश्विक उड़ान

देश में चिकित्सा क्षेत्र के बदलते परिदृश्य पर चर्चा करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि आज भारत स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में दुनिया में तेजी से अपनी धाक जमा रहा है। देश में जीन थेरेपी और सीएआर-टी सेल थेरेपी जैसी आधुनिक चिकित्सा तकनीकों का आगमन यह साबित करता है कि हम वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने युवा डॉक्टरों से आह्वान किया कि वे आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल तो करें, लेकिन मानवीय मूल्यों को कभी न भूलें।

समारोह की मुख्य झलकियां

दीक्षांत समारोह के दौरान उपलब्धियों और सम्मान का दौर भी देखने को मिला। कार्यक्रम की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:

  • पदक और डिग्रियां: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 54 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से नवाजा, जबकि कुल 1708 छात्रों को उनकी डिग्रियां प्रदान की गईं।
  • समाज सेवा का दायित्व: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने डॉक्टरों से अपील की कि वे विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और मातृ-शिशु स्वास्थ्य के प्रति अधिक सजग रहें।
  • अतिथियों की उपस्थिति: इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, केंद्रीय राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह समेत शिक्षा जगत के कई दिग्गज और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस दौरान केजीएमयू की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान आज देश के अग्रणी चिकित्सा केंद्रों में शुमार है। यहाँ से शिक्षित होकर निकलने वाले डॉक्टरों से समाज को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी उम्मीदें हैं, जिन्हें पूरा करना उनका प्राथमिक कर्तव्य है।

कार्यक्रम का विवरणआंकड़े
कुल डिग्रियां प्रदान की गईं1708
स्वर्ण पदक प्राप्त छात्र54
आयोजन स्थलकेजीएमयू, लखनऊ