छत्तीसगढ़ में मानसून का रौद्र रूप: भारी बारिश का अलर्ट और केलो डैम के गेट खोले गए
छत्तीसगढ़ में मौसम विभाग ने प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले 5 दिनों तक मानसून के सक्रिय रहने की चेतावनी जारी की है। राज्य के कई जिलों में आज भी भारी बारिश, गरज-चमक और वज्रपात की आशंका जताई गई है। लगातार हो रही वर्षा के कारण रायगढ़ में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, जहाँ निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केलो डैम के चार गेट खोल दिए गए हैं, क्योंकि जलस्तर 230.85 मीटर के खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है।
राजधानी रायपुर और प्रमुख शहरों का हाल
रायपुर में सोमवार रात से ही रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है, जिससे मौसम सुहावना बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी में पूरे दिन बादल छाए रहेंगे और बीच-बीच में तेज बौछारें पड़ सकती हैं। शहर का अधिकतम तापमान 29°C और न्यूनतम तापमान 25°C के आसपास दर्ज किया जा सकता है। अन्य शहरों की बात करें तो:
- अंबिकापुर: प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
- पेंड्रा रोड और राजनांदगांव: यहां का न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सबसे कम रहा।
- रायगढ़: पैठू डबरी और चंद्रनगर जैसी निचली बस्तियों में घुटनों तक पानी भरने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।
मानसून का सांख्यिकीय विश्लेषण: अभी भी कमी बरकरार
मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता के बावजूद बारिश का कुल आंकड़ा अभी भी संतोषजनक नहीं है। 1 जून से अब तक राज्य में कुल 348.5 मिमी (13.7 इंच) बारिश हुई है। यदि हम इसे सामान्य औसत 444.6 मिमी (17.5 इंच) से तुलना करें, तो प्रदेश में अब भी 22% कम बारिश दर्ज की गई है। इस कमी के कारण छत्तीसगढ़ का अधिकांश हिस्सा अभी भी ‘डिफिशिएंट’ (सामान्य से कम वर्षा) वाली श्रेणी में बना हुआ है।
सुरक्षा और सावधानी के निर्देश
प्रशासन ने भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। विशेष रूप से नदी-नालों के पास जाने से बचने और बिजली कड़कने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी गई है। किसानों और आम जनता को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय मौसम अपडेट्स पर नजर रखें और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें।
