छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में मानसून की सक्रियता के बीच सोशल मीडिया पर ‘रील्स’ बनाने की सनक युवाओं की जान पर भारी पड़ रही है। बिलासपुर के खूंटाघाट बांध, कोरी डैम और पचरीघाट चेकडैम में युवा जान जोखिम में डालकर खतरनाक स्टंट कर रहे हैं। इन घटनाओं के बढ़ते मामलों को देखते हुए रतनपुर और कोटा पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी है। पुलिस ने मौके पर स्टंट कर रहे युवकों को पकड़कर न केवल उठक-बैठक कराई, बल्कि भविष्य में ऐसी हरकत न करने की सख्त चेतावनी भी दी है।
सोशल मीडिया के लिए जानलेवा स्टंट
सोशल मीडिया पर लाइक्स और फॉलोअर्स बढ़ाने की होड़ में युवा खतरनाक तरीके से बांधों और नदियों में छलांग लगा रहे हैं। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे युवक उफनते पानी के बीच जानलेवा स्टंट कर रहे हैं। खूंटाघाट बांध के वेस्ट वीयर से छलांग लगाने का मामला हो या पचरीघाट चेकडैम में नाबालिगों का जोखिम भरा कारनामा, ये हरकतें किसी भी वक्त बड़े हादसे को न्योता दे सकती हैं।
पुलिस का एक्शन और चेतावनी
घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने इन क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। पुलिस की कार्रवाई के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- मौके पर सबक: रतनपुर और कोटा पुलिस ने स्टंटबाजों को पकड़कर सार्वजनिक रूप से उठक-बैठक करवाई और भविष्य के लिए हिदायत दी।
- निगरानी में वृद्धि: खूंटाघाट, कोरी डैम और अन्य प्रमुख घाटों पर पुलिस की नियमित गश्त बढ़ाई गई है।
- कानूनी चेतावनी: पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि लोग अपनी जान जोखिम में डालने वाली गतिविधियों से बाज नहीं आए, तो उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- सुरक्षा अपील: प्रशासन ने लोगों को आगाह किया है कि बारिश के दौरान बांधों और नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है और नीचे छिपी चट्टानें या गहरे गड्ढे जानलेवा साबित हो सकते हैं।
अभिभावकों के लिए सतर्कता का संदेश
एएसपी (ग्रामीण) मधुलिका सिंह ने युवाओं से अपील की है कि वे लोकप्रियता के फेर में अपनी जान जोखिम में न डालें। उन्होंने अभिभावकों से भी विशेष आग्रह किया है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें जल निकायों के पास खतरनाक स्टंट करने से रोकें। पुलिस का कहना है कि हर साल बरसात के मौसम में ऐसी लापरवाही के कारण कई लोग अपनी जान गंवा देते हैं, इसलिए सावधानी ही बचाव का एकमात्र रास्ता है।
