बिलासपुर में मूसलाधार बारिश का कहर: जलमग्न हुआ शहर, एक बुजुर्ग महिला की मौत
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में गुरुवार से शुरू हुई लगातार मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर की निचली बस्तियों और रिहायशी कॉलोनियों में 6 से 8 फीट तक पानी भर गया, जिससे लोगों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा। बारिश के तेज बहाव की चपेट में आकर एक 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला की जान चली गई। शहर के कई इलाकों में हालात इतने भयावह हो गए कि प्रशासन को एसडीआरएफ (SDRF) की मदद से नाव चलानी पड़ी।
बारिश का सबसे विकराल रूप अरपापार, रायपुर रोड, सकरी और शहर की बाहरी कॉलोनियों में देखने को मिला। देवनंदन नगर, गीतांजलि सिटी, फ्रेंड्स कॉलोनी और गुरु विहार जैसे उन इलाकों में भी पहली बार पानी घुसा, जहां पिछले 20-25 सालों में कभी जलभराव नहीं हुआ था। लोगों के घरों में फ्रिज, वॉशिंग मशीन, सोफा और अन्य कीमती सामान पूरी तरह डूब गए। कई परिवारों को अपनी जान बचाने के लिए ग्राउंड फ्लोर छोड़कर पहली मंजिल पर शरण लेनी पड़ी।
नाले के बहाव में बह गई बुजुर्ग महिला
शुक्रवार सुबह काम पर निकलीं लिंगियाडीह निवासी 65 वर्षीय प्रमिला बाई की दर्दनाक मौत हो गई। वह राजकिशोर नगर स्थित नाले के तेज बहाव में बह गईं। कुछ घंटों की तलाश के बाद उनका शव ऊर्जा पार्क के पास अरपा नदी की झाड़ियों में फंसा मिला। स्थानीय पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सिम्स भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
18 करोड़ के दावों पर फिरा पानी
नगर निगम ने पिछले तीन वर्षों में जलभराव रोकने के लिए करीब 18 करोड़ रुपये खर्च किए थे, लेकिन इस बारिश ने उन सभी दावों की पोल खोल दी। कहीं नाले अधूरे छोड़ दिए गए, तो कहीं संकरे ड्रेनेज सिस्टम ओवरलोड हो गए।
| क्षेत्र | खर्च (रुपये में) | वर्तमान स्थिति |
|---|---|---|
| बंधवापारा | 5 करोड़ | अधूरा निकासी समाधान |
| पुराना बस स्टैंड/लिंक रोड | 7 करोड़ | पुराने नाले के कारण समस्या बरकरार |
| तालापारा/बालमुकुंद स्कूल | 3 करोड़ | भारी बारिश में जलमग्न |
| यदुनंदन कॉलोनी | 3.27 करोड़ | अधूरे काम के कारण जलभराव |
प्रशासनिक रेस्क्यू और राहत कार्य
हालात को देखते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल और निगम आयुक्त ने कमान संभाली। एसडीआरएफ की टीम ने नाव और ट्रैक्टर के जरिए 200 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
- एसडीआरएफ रेस्क्यू: जगदंबा कॉलोनी, बंधवापारा, देवनंदन नगर और चौबे कॉलोनी समेत कई क्षेत्रों से 204 लोगों को निकाला गया।
- मेडिकल सहायता: जगदंबा कॉलोनी में फंसे एक मरीज तक ऑक्सीजन सिलेंडर पहुंचाया गया।
- भोजन वितरण: प्रभावित परिवारों को नगर निगम और सामाजिक संगठनों द्वारा करीब 2900 फूड पैकेट बांटे गए।
रेल और बिजली सेवा पर असर
बिलासपुर स्टेशन और यार्ड में पानी भर जाने के कारण ट्रैक डूब गए, जिससे 7 ट्रेनों को रद्द करना पड़ा और 4 ट्रेनों के रूट बदले गए। वहीं, सुरक्षा के मद्देनजर शहर के 17 ट्रांसफार्मर और तीन सब-स्टेशनों की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई, जिससे लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हुए।
मौसम विभाग ने अभी भी बिलासपुर संभाग में भारी बारिश का अलर्ट जारी रखा है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। शहर विधायक अमर अग्रवाल ने टास्क फोर्स को जल्द से जल्द बिजली और पानी की व्यवस्था बहाल करने के निर्देश दिए हैं।
