Murder: जांजगीर में कार चालक की हत्या और लूट के 3 दोषियों को उम्रकैद


छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में हुए एक बेहद चर्चित और सनसनीखेज कार चालक अपहरण व हत्याकांड मामले में प्रधान सत्र न्यायाधीश जयदीप गर्ग की अदालत ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले में शामिल तीन मुख्य आरोपियों को दोषी करार देते हुए उन्हें आजीवन कारावास की कड़ी सजा सुनाई है। इस जघन्य अपराध…

जांजगीर-चांपा में कार चालक हत्याकांड: कोर्ट ने तीन दोषियों को सुनाई आजीवन कारावास की सजा

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में हुए एक बेहद चर्चित और सनसनीखेज कार चालक अपहरण व हत्याकांड मामले में प्रधान सत्र न्यायाधीश जयदीप गर्ग की अदालत ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले में शामिल तीन मुख्य आरोपियों को दोषी करार देते हुए उन्हें आजीवन कारावास की कड़ी सजा सुनाई है। इस जघन्य अपराध में शामिल आरोपियों पर हत्या, अपहरण, लूट और सबूत मिटाने जैसे गंभीर आरोप सिद्ध हुए हैं।

जुर्माने के साथ अतिरिक्त सजा का प्रावधान

न्यायालय ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि प्रत्येक दोषी को 10-10 हजार रुपए का अर्थदंड भी भरना होगा। यदि दोषी जुर्माना राशि जमा करने में विफल रहते हैं, तो उन्हें अतिरिक्त छह-छह माह की सश्रम कारावास की सजा काटनी होगी। यह फैसला न केवल पीड़ित परिवार के लिए न्याय का प्रतीक है, बल्कि अपराधियों में कानून का डर पैदा करने के लिए एक कड़ा संदेश भी है।

क्या था पूरा मामला?

लोक अभियोजक संदीप सिंह बनाफर द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह पूरी वारदात 13 अप्रैल 2024 को अंजाम दी गई थी। आरोपियों ने एक सुनियोजित साजिश के तहत नए मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर डिजायर कार बुक की और चालक रमाकांत तिवारी को कोटमी सोनार से अमरकंटक चलने के लिए राजी किया। रास्ते में आरोपियों ने कार लूटने के इरादे से चालक की हत्या की खौफनाक साजिश रची थी।

खाना खाने के बहाने की निर्मम हत्या

आरोपियों ने गौरेला-पेंड्रा मार्ग पर खाना खाने का नाटक कर कार रुकवाई। जैसे ही चालक ने गाड़ी रोकी, आरोपियों ने पहले उसका गला घोंपा और फिर सड़क किनारे ले जाकर उसके सीने पर पत्थरों से ताबड़तोड़ वार किए। इस वीभत्स हमले में चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। साक्ष्य छिपाने के लिए आरोपियों ने शव को कार की पिछली सीट पर रखा और उसे ठिकाने लगाने के लिए एक नाबालिग की मदद भी लेने की कोशिश की, लेकिन वे कामयाब नहीं हो सके। अंत में, उन्होंने शव को लखुर्री नहर के पास फेंक दिया और कार को अकलतरा थाना क्षेत्र के पचरी के पास छोड़कर फरार हो गए।

पुलिस की तत्परता और अदालत का कड़ा रुख

  • गिरफ्तारी: पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और गहन जांच के बाद राहुल श्रीवास, सोमप्रभात साहू और विवेकपुरी गोस्वामी को गिरफ्तार किया।
  • न्यायिक टिप्पणी: अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि यह अपराध पूरी तरह से षड्यंत्रपूर्वक किया गया एक जघन्य कृत्य है।
  • सजा का आधार: परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपियों को धारा 302 (हत्या), 364 (अपहरण), 397/120बी (लूट और षड्यंत्र) और 201 (साक्ष्य मिटाना) के तहत दोषी माना।

न्यायालय द्वारा सुनाए गए इस फैसले से क्षेत्र में यह स्पष्ट हो गया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की सटीक जांच और अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी ने इस मामले को तार्किक अंजाम तक पहुँचाया है।


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