बलौदाबाजार में भारी बारिश से बढ़ी चिंता, महानदी खतरे के निशान के पार
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में पिछले 24 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रही वर्षा के कारण जिले की प्रमुख नदियों, महानदी और शिवनाथ नदी सहित कई छोटे-बड़े नालों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
अमेठी घाट पर जलस्तर में भारी उछाल, प्रशासन ने बंद किया रास्ता
पलारी तहसील के अंतर्गत आने वाले अमेठी घाट पर महानदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 2 से 3 फीट ऊपर बह रहा है। किसी भी प्रकार की अनहोनी को रोकने के लिए प्रशासन ने तुरंत प्रभाव से एनीकट के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर आवागमन को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। सुरक्षा के मद्देनजर मौके पर भारी पुलिस बल और कोटवारों को तैनात किया गया है ताकि कोई भी जोखिम न ले सके।
राहत और बचाव टीमों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश
कलेक्टर ने संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग, होमगार्ड और रेस्क्यू टीमों को 24/7 अलर्ट मोड पर रहने का आदेश दिया है। प्रशासनिक स्तर पर की गई तैयारियों का विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:
| संबंधित विभाग | प्रमुख जिम्मेदारी |
|---|---|
| एसडीएम और तहसीलदार | प्रभावित क्षेत्रों की सघन निगरानी और मॉनिटरिंग |
| होमगार्ड एवं रेस्क्यू टीम | किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित बचाव कार्य |
| पुलिस विभाग | नदी-नालों के पास सुरक्षा घेरा और आवागमन पर रोक |
प्रशासन की नागरिकों से खास अपील
जिला प्रशासन ने जिले के सभी नागरिकों से धैर्य रखने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है। प्रशासन ने लोगों को निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- नदी, एनीकट और पुल-पुलियों को पार करने का बिल्कुल भी प्रयास न करें।
- जलस्तर बढ़ने की स्थिति में नदी के किनारों पर न जाएं और न ही पानी में उतरें।
- सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।
- प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का अक्षरशः पालन करें।
फिलहाल, जिला प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है और निचले इलाकों में रहने वाले निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।










