Bear: कटहल खाने आया भालू फंदे में फंसा, वन विभाग ने किया रेस्क्यू

जशपुरनगर जिले के मनोरा चौकी क्षेत्र स्थित गजमा गांव में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां कटहल की तलाश में पेड़ पर चढ़ा एक भालू अचानक लोहे के तार से बने फंदे में फंस गया। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग और ग्रीन नेचर वेलफेयर सोसायटी (GNWS) की टीम ने…

जशपुर में कटहल के पेड़ पर फंसा भालू: वन विभाग और GNWS की टीम ने सुरक्षित निकाला

जशपुरनगर जिले के मनोरा चौकी क्षेत्र स्थित गजमा गांव में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां कटहल की तलाश में पेड़ पर चढ़ा एक भालू अचानक लोहे के तार से बने फंदे में फंस गया। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग और ग्रीन नेचर वेलफेयर सोसायटी (GNWS) की टीम ने मौके पर पहुंचकर संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और भालू को सुरक्षित बाहर निकाला।

शुक्रवार को जब ग्रामीणों ने जंगल से सटे इलाके में भालू को पेड़ पर फंसा देखा, तो हड़कंप मच गया। सूचना पाकर वन विभाग और GNWS के सदस्य तुरंत मौके पर पहुंचे। शुरुआती दौर में भालू को मुक्त कराने की कोशिश की गई, लेकिन वह काफी आक्रामक हो गया था। स्थिति को देखते हुए अंबिकापुर से वन्यजीव विशेषज्ञों की टीम को विशेष रूप से बुलाया गया।

रेस्क्यू की मुख्य जानकारी:

  • रेस्क्यू टीम: वन विभाग, GNWS और अंबिकापुर के विशेषज्ञ।
  • स्थिति: भालू एक महीने से गजमा और आसपास के जंगलों में सक्रिय था।
  • उपाय: डॉट गन से ट्रेंक्यूलाइज कर बेहोश किया गया।

बेहोश कर सुरक्षित उतारा गया भालू

विशेषज्ञों ने डॉट गन का इस्तेमाल कर भालू को ट्रेंक्यूलाइज किया, जिससे वह बेहोश हो गया। इसके बाद लोहे के तार को सावधानीपूर्वक काटकर ग्रीन नेट की मदद से उसे नीचे सुरक्षित उतारा गया। पशु चिकित्सकों ने घायल भालू का मौके पर ही प्राथमिक उपचार किया। होश में आने के बाद उसे वापस सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया है।

शिकार की साजिश का संदेह

वन विभाग की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि भालू का पेड़ पर फंसना महज इत्तेफाक नहीं, बल्कि किसी की साजिश हो सकती है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, फंदा दोपहिया वाहनों के टूटे हुए क्लच वायर से तैयार किया गया था और उसे पके हुए कटहल के पास लगाया गया था। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि भालू को पकड़ने या उसका शिकार करने के इरादे से यह जाल बिछाया गया था।

दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई: डीएफओ

जशपुर के डीएफओ शशि कुमार ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि भालू का सफल रेस्क्यू कर उसे उपचार के बाद जंगल में वापस भेज दिया गया है। फिलहाल, विभाग पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहा है। डीएफओ ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के प्रति इस तरह की क्रूरता करने वाले दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।