Drugs: दुर्ग के स्कूल में नशे की गोलियां, 4 छात्र अस्पताल में भर्ती

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। पंचशील नगर स्थित शासकीय चंद्रशेखर आजाद उच्च माध्यमिक विद्यालय के चार छात्रों की तबीयत संदिग्ध नशीली गोलियां खाने के बाद अचानक बिगड़ गई। आनन-फानन में सभी छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां अब उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही…

दुर्ग के स्कूल में नशीली गोलियों का कहर: चार छात्र अस्पताल में भर्ती, प्रशासन अलर्ट

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। पंचशील नगर स्थित शासकीय चंद्रशेखर आजाद उच्च माध्यमिक विद्यालय के चार छात्रों की तबीयत संदिग्ध नशीली गोलियां खाने के बाद अचानक बिगड़ गई। आनन-फानन में सभी छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां अब उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। इस घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है और शिक्षा विभाग के साथ-साथ पुलिस भी हरकत में आ गई है।

कैसे सामने आई घटना?

घटना की शुरुआत 16 जुलाई को हुई, जब स्कूल के एक छात्र की अचानक तबीयत खराब होने पर उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद अगले दो दिनों के भीतर तीन अन्य छात्रों ने भी इसी तरह की समस्या की शिकायत की। जब स्कूल प्रबंधन ने मामले की गंभीरता को समझा और जांच की, तो पता चला कि सभी छात्रों ने एक ही प्रकार की संदिग्ध गोलियों का सेवन किया था।

स्कूल के बाहर से मिलीं गोलियां

प्रभारी प्राचार्य नलिनी वर्मा के अनुसार, शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि ये गोलियां स्कूल परिसर के भीतर नहीं, बल्कि स्कूल के बाहर से छात्रों तक पहुंची थीं। स्कूल प्रबंधन ने इस मामले की जानकारी मिलते ही तुरंत जिला प्रशासन और पुलिस को सूचित किया। फिलहाल, पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि आखिर ये प्रतिबंधित गोलियां स्कूल के बच्चों के हाथों तक कैसे पहुंचीं।

पूछताछ में हुआ खुलासा

अधिकारियों की मौजूदगी में जब छात्रों से पूछताछ की गई, तो एक छात्र ने गोलियां बांटने की बात स्वीकार की। हालांकि, वह यह बताने में नाकाम रहा कि उसे ये गोलियां कहां से मिलीं। उसने अपने मोबाइल फोन में दवा के रैपर की तस्वीर जरूर दिखाई, लेकिन सप्लायर का नाम बताने में वह असमर्थ रहा।

छात्र का विवरणली गई गोलियों की संख्या
पहला छात्र4 गोलियां
दूसरा छात्र2 गोलियां
तीसरा छात्र1 गोली

‘सिरदर्द की दवा’ बताकर दिया गया झांसा

पीड़ित छात्रों ने पूछताछ में बताया कि उन्हें यह गोलियां ‘सिरदर्द की सामान्य दवा’ बताकर दी गई थीं। बच्चों को इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि वे कोई प्रतिबंधित या नशीली दवा खा रहे हैं। इस घटना के बाद अभिभावकों में भारी आक्रोश है। उन्होंने स्कूल प्रबंधन पर आरोप लगाने के बजाय पुलिस से मांग की है कि इस पूरे नशा तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाए, जो मासूम बच्चों को अपना निशाना बना रहा है।

राजनीतिक गलियारों में चिंता

इस गंभीर मामले पर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यदि शैक्षणिक संस्थानों तक नशीले पदार्थों की पहुंच हो रही है, तो यह समाज के लिए एक बड़ा खतरा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, पुलिस की टीमें सप्लायर की तलाश में जुटी हैं ताकि इस रैकेट के मुख्य सूत्रधारों को पकड़ा जा सके।