Dhamtari: कांग्रेसियों ने लांघे बैरिकेड्स, PM आवास की मांग पर हंगामा


छत्तीसगढ़ के धमतरी में नगर निगम प्रशासन के खिलाफ कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला है। भारी बारिश के बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पार्षदों ने निगम कार्यालय का घेराव किया और पुलिस द्वारा लगाए गए 12 फीट ऊंचे बैरिकेड को लांघकर मुख्य गेट तक पहुंच गए। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर…

छत्तीसगढ़ के धमतरी में नगर निगम प्रशासन के खिलाफ कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला है। भारी बारिश के बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पार्षदों ने निगम कार्यालय का घेराव किया और पुलिस द्वारा लगाए गए 12 फीट ऊंचे बैरिकेड को लांघकर मुख्य गेट तक पहुंच गए। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि पिछले डेढ़ साल से शहर में विकास कार्य पूरी तरह ठप हैं और आम जनता प्रधानमंत्री आवास योजना व पट्टे के लिए दर-दर भटक रही है।

विकास कार्यों में भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसी नेताओं ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि निगम प्रशासन में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी का बोलबाला है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि सत्ता में बैठी भाजपा सरकार अपने चुनावी वादों को पूरा करने में पूरी तरह विफल रही है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि पट्टाविहीन परिवारों को जल्द से जल्द जमीन का मालिकाना हक दिया जाए और रुकी हुई प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों को लाभ पहुंचाया जाए।

घोटालों की लंबी फेहरिस्त का दावा

कांग्रेस पार्षदों ने आरोप लगाया है कि नगर निगम में जनता के गाढ़ी कमाई का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने विभिन्न मदों में बड़े स्तर पर धांधली का आरोप लगाते हुए निम्नलिखित घोटालों का जिक्र किया है:

  • रिक्शा खरीदी घोटाला: वाहनों की खरीद में की गई वित्तीय अनियमितता।
  • बेलिंग मशीन घोटाला: मशीनरी की खरीद में कथित भ्रष्टाचार।
  • टिप्पर और चैन माउंटेन घोटाला: उपकरणों की खरीद में बाजार दर से अधिक भुगतान का आरोप।
  • डीजल घोटाला: ईंधन के नाम पर सरकारी खजाने को चूना लगाने का मामला।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं और घोटालों की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई, तो वे आने वाले समय में उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इस प्रदर्शन ने धमतरी की स्थानीय राजनीति में हलचल मचा दी है, जहां अब नगर निगम प्रशासन पर सफाई देने का दबाव बढ़ गया है।


Exit mobile version