Cyber ठगी: पैन कार्ड अपडेट के नाम पर 3.25 लाख ठगने वाला झारखंड से गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले की पुलिस ने साइबर ठगी के एक पुराने मामले का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी को झारखंड से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी ने खुद को बैंक अधिकारी बताकर पीड़ित से 3.25 लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी। पुलिस ने आरोपी के पास से ठगी में इस्तेमाल किए…

जशपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 4 साल बाद झारखंड से पकड़ा गया साइबर ठग

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले की पुलिस ने साइबर ठगी के एक पुराने मामले का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी को झारखंड से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी ने खुद को बैंक अधिकारी बताकर पीड़ित से 3.25 लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी। पुलिस ने आरोपी के पास से ठगी में इस्तेमाल किए गए एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और पैन कार्ड बरामद किए हैं।

क्या था पूरा मामला?

पीड़ित रामलोचन गुप्ता ने अक्टूबर 2022 में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें फोन पर बैंक अधिकारी बनकर कॉल किया गया। कॉलर ने पैन कार्ड अपडेट करने और नेट बैंकिंग चालू करने का झांसा दिया। झांसे में आए पीड़ित के खाते से शातिर ठग ने अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 3 लाख 25 हजार रुपये उड़ा लिए।

पुलिस की तकनीकी जांच और गिरफ्तारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए जशपुर के एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने डिजिटल फुटप्रिंट्स और बैंक खातों की गहन जांच की, जिससे ठगी की रकम का लिंक फिनो पेमेंट बैंक के एक खाते से जुड़ा मिला। तकनीकी निगरानी के बाद पुलिस ने झारखंड के धनबाद जिले से 24 वर्षीय नीलकंठ दास को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी ने कबूला जुर्म

पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। घटना से जुड़ी मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • ठगी का तरीका: आरोपी ने अपने नाम पर फिनो पेमेंट बैंक में खाता खुलवाया था, जिसमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी।
  • रकम का उपयोग: आरोपी ने खाते में आए 25 हजार रुपये एटीएम के जरिए निकालकर निजी खर्चों में उड़ा दिए।
  • सबूत मिटाने की कोशिश: गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने वारदात के तुरंत बाद अपना मोबाइल फोन और सिम कार्ड नष्ट कर दिया था।

साइबर सुरक्षा के लिए पुलिस की सलाह

पुलिस अब इस पूरे साइबर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। एसएसपी ने आम जनता को सतर्क रहने की अपील की है:

सावधानी के उपाय
किसी भी अनजान व्यक्ति को ओटीपी (OTP), एटीएम पिन, या सीवीवी साझा न करें।
बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी फोन पर कभी भी न दें।
साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें।
घटना की ऑनलाइन शिकायत www.cybercrime.gov.in पर दर्ज कराएं।

फिलहाल, पुलिस अन्य आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। जशपुर पुलिस की इस कार्रवाई से साइबर अपराधियों में हड़कंप मच गया है।


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