सतना में 9 साल का मासूम लापता, जंगलों में सर्च ऑपरेशन जारी
मध्य प्रदेश के सतना जिले से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। मझगवां थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत पिंडरा की खंतार यादव बस्ती से 9 वर्षीय नितिन यादव के लापता होने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। बच्चा बुधवार शाम से ही घर से गायब है, जिसके बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस और प्रशासन की टीमें बच्चे की सुरक्षित बरामदगी के लिए युद्धस्तर पर जुटी हुई हैं।
हैंडपंप पर हाथ धोने गया था नितिन, फिर नहीं लौटा
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, लल्लू यादव का 9 वर्षीय बेटा नितिन बुधवार शाम करीब 5 बजे स्कूल से घर लौटा था। इसके बाद वह घर के बाहर लगे हैंडपंप पर हाथ-मुंह धोने गया था। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब वह घर नहीं पहुँचा, तो परिवार वालों ने उसकी तलाश शुरू की। पूरी रात ग्रामीणों के साथ मिलकर आसपास के इलाकों को खंगाला गया, लेकिन कहीं भी बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला। अंततः घटना की सूचना पुलिस को दी गई।
पुलिस और वन विभाग की टीमें तैनात
मामले की गंभीरता को देखते हुए चित्रकूट के एसडीओपी राजेश सिंह बंजारे और मझगवां थाना प्रभारी आदित्य नारायण धुर्वे ने तुरंत घटनास्थल का दौरा किया। अधिकारियों ने परिजनों से पूछताछ की और आसपास के क्षेत्रों का बारीकी से निरीक्षण किया। बच्चे को खोजने के लिए प्रशासन ने निम्नलिखित टीमों को काम पर लगाया है:
- वन विभाग: घने जंगलों में गहन छानबीन कर रही है।
- साइबर सेल: बच्चे की लोकेशन और अन्य सुरागों की तकनीकी जांच में जुटी है।
- डॉग स्क्वायड: सूंघने वाली कुत्तों की मदद से संभावित रास्तों की तलाशी ली जा रही है।
- एसडीआरएफ और क्यूआरएफ: जलस्रोतों, खेतों और दुर्गम स्थानों पर सर्च ऑपरेशन चला रही है।
प्रशासन का आश्वासन: हर संभव प्रयास जारी
पुलिस प्रशासन का कहना है कि बच्चे का पता लगाने के लिए हर पहलू पर जांच की जा रही है। जंगल के चप्पे-चप्पे को खंगाला जा रहा है ताकि जल्द से जल्द मासूम को सुरक्षित घर पहुँचाया जा सके। फिलहाल, पूरे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन जारी है और पुलिस ने स्थानीय लोगों से किसी भी प्रकार की जानकारी मिलने पर तुरंत सूचित करने की अपील की है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| लापता बच्चा | नितिन यादव (9 वर्ष) |
| स्थान | खंतार यादव बस्ती, पिंडरा (सतना) |
| लापता होने का समय | बुधवार शाम 5 बजे |
| सर्च ऑपरेशन | पुलिस, वन विभाग, डॉग स्क्वायड और SDRF |
