राजधानी में सनसनीखेज आगजनी: स्कूटी बचाने के चक्कर में गई युवक की जान, आरोपी गिरफ्तार
राजधानी रायपुर के सरस्वती नगर थाना क्षेत्र स्थित कोटा इलाके में सुयश अस्पताल के पीछे हुई आगजनी की दर्दनाक घटना में 18 वर्षीय शाकिब रजा की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस की गहन जांच के बाद इस मामले में मुख्य आरोपी मुकेश निषाद को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 के तहत गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि आरोपी का मकसद सीधे तौर पर हत्या करना नहीं था, लेकिन उसे इस बात का पूरा आभास था कि पेट्रोल डालकर वाहन में आग लगाने से किसी की जान खतरे में पड़ सकती है।
क्या है पूरा मामला और कैसे हुई घटना?
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह हृदयविदारक घटना 12 जुलाई की रात को हुई थी। मोमिनपारा ललिता चौक निवासी शाकिब रजा, आरोपी मुकेश निषाद और उनके अन्य दोस्त अलग-अलग वाहनों से कोटा स्थित घटनास्थल पर एकत्रित हुए थे। विवाद की जड़ कुछ दिन पुरानी एक घटना थी, जिसमें मुकेश ने अपनी इलेक्ट्रिक स्कूटी शाकिब को चलाने के लिए दी थी। इस स्कूटी के कारण मुकेश को अपने घर में डांट खानी पड़ी थी, जिससे वह शाकिब से काफी नाराज चल रहा था। इसी रंजिश के चलते उसने स्कूटी को जलाने की योजना बनाई और पेट्रोल लेकर मौके पर पहुंच गया।
- प्रत्यक्षदर्शियों का बयान: मौके पर मौजूद दोस्तों सोनू भेलावे, गिरजेश कुमार धवई और प्रिंस जगत ने बताया कि शाकिब लगातार मुकेश को स्कूटी में आग न लगाने के लिए मना कर रहा था।
- बचाव की कोशिश: जब मुकेश ने स्कूटी पर पेट्रोल छिड़कना शुरू किया, तो शाकिब उसे बचाने के लिए स्कूटी के ऊपर लेट गया, ताकि आग न लग सके।
- हादसा: इसी बीच मुकेश ने माचिस जलाकर आग लगा दी, जिससे पेट्रोल की लपटें तेजी से फैल गईं और शाकिब गंभीर रूप से झुलस गया।
अस्पताल में उपचार के दौरान तोड़ा दम
घटना के तुरंत बाद शाकिब के दोस्तों ने ही उसे आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया और परिजनों को सूचित किया। हालांकि, उपचार के दौरान शाकिब ने दम तोड़ दिया। युवक की मौत के बाद परिजनों ने इसे सोची-समझी हत्या करार देते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बारीकी से साक्ष्यों को जुटाया।
पुलिस अधिकारियों ने क्या कहा?
इस पूरे मामले पर एडिशनल डीसीपी वेस्ट राहुलदेव शर्मा ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, वैज्ञानिक साक्ष्यों और परिजनों की शिकायतों का गहन विश्लेषण किया है। इन आधारों पर आरोपी मुकेश निषाद के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज कर उसे सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। पुलिस फिलहाल घटना से जुड़े अन्य पहलुओं और तथ्यों की भी जांच कर रही है ताकि इस मामले में कोई भी कड़ी छूट न जाए।
