देश भर में कांग्रेस का ‘छात्रों की गूंज’ अभियान: पेपर लीक को बताया राष्ट्रीय महामारी
कांग्रेस पार्टी ने आज देशभर में एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के जरिए केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। रायपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्ष 2014 के बाद से देश में 150 से अधिक बार पेपर लीक की घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे करीब 7.5 करोड़ छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि पेपर लीक का यह संकट अब एक राष्ट्रीय महामारी का रूप ले चुका है, जिसने युवाओं की कमर तोड़ दी है।
डॉ. महंत ने बताया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में इस अभियान की शुरुआत कोटा से की गई थी, जिसे अब देहरादून की महारैली के बाद पूरे देश में विस्तार दिया जा रहा है। एनएसयूआई, युवा कांग्रेस और पार्टी की प्रदेश इकाइयां सड़क से लेकर संसद तक इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठा रही हैं।
पेपर लीक का आंकड़ा और युवाओं का संघर्ष
प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. महंत ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि केंद्र में भाजपा सरकार के आने के बाद से लाखों युवाओं का सपना चकनाचूर हुआ है। उन्होंने बताया कि एक प्रतियोगी छात्र औसत 5 साल तक रोजाना 10 घंटे कठिन मेहनत करता है, जबकि परिवार उसे आर्थिक और मानसिक संबल प्रदान करता है।
- कुल प्रभावित छात्र: 7.5 करोड़ से अधिक।
- पेपर लीक की घटनाएं: 2014 से अब तक 150 से ज्यादा।
- प्रतिस्पर्धा का स्तर: 9 करोड़ अभ्यर्थियों के लिए मात्र 6 लाख सरकारी नौकरियां।
- सफलता का अनुपात: लगभग 150 युवाओं में से केवल 1 को रोजगार।
परीक्षा पत्रों की ‘सौदागरी’ और दावों की पोल
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि देश में शिक्षा माफियाओं का बोलबाला है और परीक्षा पत्र लाखों रुपयों में खुलेआम बेचे जा रहे हैं। उन्होंने कुछ प्रमुख परीक्षाओं का जिक्र करते हुए उनके कथित दाम भी बताए:
| परीक्षा का नाम | कथित कीमत (लाख रुपये में) |
|---|---|
| NEET UG-2026 | 40 लाख |
| ओडिशा पुलिस एसआई (2025) | 25 लाख |
| IIT-JEE 2021 | 15 लाख |
| उत्तराखंड पटवारी भर्ती (2025) | 15 लाख |
| बिहार शिक्षक भर्ती (2024) | 10 लाख |
जगदलपुर की छात्रा की आत्महत्या और सरकार की चुप्पी
डॉ. महंत ने जगदलपुर के अड़ावल की छात्रा सुरला हारिका राव की दुखद आत्महत्या का मुद्दा उठाते हुए इसे सिस्टम की विफलता बताया। उन्होंने कहा कि नीट-2 के परिणामों से निराश होकर छात्रा ने अपनी जान दी। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार हो रही गड़बड़ियों और बार-बार परीक्षाएं रद्द होने से युवाओं में जो हताशा फैल रही है, उसके लिए सीधे तौर पर केंद्र सरकार जिम्मेदार है। साथ ही, उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की चुप्पी को संदिग्ध बताया।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
अंत में, कांग्रेस ने अपनी मांगों को दोहराते हुए कहा कि जब तक शिक्षा माफियाओं और उन्हें संरक्षण देने वालों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक यह अभियान जारी रहेगा। कांग्रेस की मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:
- शिक्षा के हो रहे राजनीतिकरण को तत्काल बंद किया जाए।
- विश्वविद्यालयों में आरएसएस पृष्ठभूमि के कुलपतियों को हटाया जाए।
- पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा और सख्त सजा।
- प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों को उचित आर्थिक मुआवजा मिले।
- सभी प्रतियोगी परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ आयोजित हों।










