कोरबा के डेंगूनाला में मगरमच्छ दिखने की खबर से हड़कंप, वन विभाग की पड़ताल में नहीं मिला कोई सुराग
छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित पथरीपारा इलाके में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सोशल मीडिया पर डेंगूनाला में मगरमच्छ होने की खबर तेजी से फैल गई। व्हाट्सएप ग्रुप्स पर वायरल हुई एक तस्वीर ने स्थानीय निवासियों की चिंता बढ़ा दी, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग नाले के किनारे जमा हो गए। हालांकि, वन विभाग की घंटों की मशक्कत के बाद भी मगरमच्छ का कहीं कोई पता नहीं चला, जिससे अब इस पूरी घटना के महज एक अफवाह होने की आशंका जताई जा रही है।
मछली पकड़ने गए युवकों ने किया था दावा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना की शुरुआत तब हुई जब पथरीपारा के कुछ युवक डेंगूनाला में मछली पकड़ने गए थे। इन युवकों ने दावा किया कि उन्होंने नाले में एक मगरमच्छ देखा है। इसके बाद उन्होंने उसकी एक तस्वीर खींचकर व्हाट्सएप ग्रुप्स में साझा कर दी। देखते ही देखते यह तस्वीर सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गई, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
वन विभाग का सर्च ऑपरेशन और स्थानीय लोगों की राय
सूचना मिलते ही वन विभाग की आरसीआरएस रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंची और पूरे इलाके की गहन छानबीन शुरू की। रेस्क्यू टीम के सदस्य अविनाश यादव ने बताया कि व्हाट्सएप पर मिली जानकारी के आधार पर घंटों सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन मगरमच्छ का कोई निशान नहीं मिला। वहीं, मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें भी इसकी जानकारी केवल सोशल मीडिया के जरिए ही मिली थी।
| स्थिति | विवरण |
|---|---|
| दावा | युवकों द्वारा मगरमच्छ दिखने की पुष्टि |
| कार्रवाई | वन विभाग द्वारा सघन तलाशी अभियान |
| परिणाम | कोई मगरमच्छ नहीं मिला, अफवाह की प्रबल संभावना |
अफवाहों से बचने की विभाग ने दी चेतावनी
कुछ लोगों का तर्क है कि हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण जलस्तर बढ़ने से मगरमच्छ के बहकर आने की संभावना हो सकती है, लेकिन इसकी कोई ठोस पुष्टि नहीं हुई है। अधिकांश लोग इसे किसी पुरानी फोटो का इस्तेमाल कर फैलाई गई गलत सूचना मान रहे हैं।
- सोशल मीडिया पर वायरल हो रही बिना पुष्टि वाली खबरों पर भरोसा न करें।
- किसी भी वन्यजीव के दिखने पर तुरंत वन विभाग को आधिकारिक सूचना दें।
- मौके पर अनावश्यक भीड़ जमा न करें, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा न आए।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य है और लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी को आगे न बढ़ाएं और सतर्कता बरतें।










